छात्रों की आत्महत्या पर जताई गई चिंता
बैठक में छात्रों के बीच बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। सदस्यों ने कहा कि पेपर लीक व परीक्षाओं के रद्द होने जैसी घटनाएं अभ्यर्थियों की मानसिक चिंता बढ़ा रही हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सहायता देने की भी सिफारिश की।
समिति का सुझाव: साल में दो से तीन बार होनी चाहिए नीट-यूजी
संसदीय समिति के एक सदस्य ने सुझाव दिया कि छात्रों का बोझ कम करने के लिए साल में दो से तीन बार नीट-यूजी का आयोजन किया जाना चाहिए। क्योंकि जब किसी और की गलती की वजह से कोई छात्र अपनी पढ़ाई का पूरा एक साल गंवा देता है, तो इसका छात्रों पर बहुत गहरा असर पड़ता है। सदस्य ने कहा कि इसमें यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष वर्बाद न हो।