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नीट-यूजी: अमेरिका-चीन मॉडल जैसी व्यवस्था बनाने की सलाह, समिति के समक्ष अधिकारियों की पेशी

Thu, 11 Jun 2026 10:54 AM IST
Shahin Praveen अमर उजाला, ब्यूरो

सार

Parliamentary Committee: संसदीय समिति के समक्ष पेश हुए शीर्ष अधिकारियों को प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। समिति ने अमेरिका और चीन जैसे देशों की तर्ज पर प्रभावी और आधुनिक व्यवस्था विकसित करने पर जोर दिया।
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Exam - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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NEET UG Exam: स्वास्थ्य और शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने संसद की स्थायी समिति को भरोसा दिलाया कि 21 जून को दोबारा नीट-यूजीको निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पूरी तरह पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। समिति के सदस्यों ने अधिकारियों से प्रवेश परीक्षाओं के संचालन के लिए पूरी तरह फूलप्रूफ व्यवस्था विकसित करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि अमेरिका और चीन जैसे देशों में बड़े पैमाने पर होने वाली प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की प्रक्रियाओं का अध्ययन कर उन्हें भारत में भी लागू किया जाए, ताकि पेपर लीक व अन्य अनियमितताओं पर प्रभावी रोक लग सके।

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स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संबंधी संसदीय स्थायी समिति ने पेपर लीक विवाद और परीक्षा रद्द होने के बाद दोनों मंत्रालयों के सचिवों, राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) और राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) के शीर्ष अधिकारियों को दोबारा परीक्षा की तैयारियों का ब्योरा लेने के  लिए तलब किया था।

दावा: 21 की परीक्षा में नहीं होगी गड़बड़ी

नीट-यूजी पेपर लीक मामले की जांच कर रही सीबीआई की प्रगति की भी संसदीय स्तर पर समीक्षा की गई। अधिकारियों ने समिति को आश्वस्त किया कि 21 जून को दोबारा होने वाली परीक्षा के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा उपाय लागू किए जा रहे हैं और परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में एनटीए महानिदेशक अभिषेक सिंह, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी और एनएमसी अध्यक्ष डॉ. अभिजात सी शेट समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समिति के अध्यक्ष समाजवादी पार्टी सांसद रामगोपाल यादव हैं।

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छात्रों की आत्महत्या पर जताई गई चिंता

बैठक में छात्रों के बीच बढ़ते तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर भी चिंता जताई गई। सदस्यों ने कहा कि पेपर लीक व परीक्षाओं के रद्द होने जैसी घटनाएं अभ्यर्थियों की मानसिक चिंता बढ़ा रही हैं। उन्होंने प्रभावित परिवारों को सहायता देने की भी सिफारिश की।

समिति का सुझाव: साल में दो से तीन बार होनी चाहिए नीट-यूजी

संसदीय समिति के एक सदस्य ने सुझाव दिया कि छात्रों का बोझ कम करने के लिए साल में दो से तीन बार नीट-यूजी का आयोजन किया जाना चाहिए। क्योंकि जब किसी और की गलती की वजह से कोई छात्र अपनी पढ़ाई का पूरा एक साल गंवा देता है, तो इसका छात्रों पर बहुत गहरा असर पड़ता है। सदस्य ने कहा कि इसमें यह ध्यान रखा जाना चाहिए कि उनका पूरा शैक्षणिक वर्ष वर्बाद न हो।
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