तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन आज राज्य सचिवालय में सभी दलों के साथ बैठक कर रहे हैं। इस बैठक में तमिलनाडु को राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से अलग रखने के मुद्दे पर चर्चा की जा रही है। सीएम स्टालिन इस मुद्दे पर राज्य की ओर से आगे की रणनीति पर बात करेंगे।
भाजपा विधायक ने किया वॉक आउट
भाजपा विधायक वानति श्रीनिवासन ने इस बैठक से वॉक आउट कर दिया है। उन्होंने कहा कि हमने पिछले विधानसभा सत्र में नीट से छूट की मांग का समर्थन नहीं किया था। हम अब भी इस पर कायम हैं। हमारा मानना है कि तमिलनाडु में नीट होनी चाहिए।
नीट ग्रामीण छात्रों के हितों के खिलाफ
सीएम स्टालिन का मानना है कि नीट ग्रामीण छात्रों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने केंद्र पर आरोप लगाते हुए कहा है कि इस प्रवेश परीक्षा के माध्यम से राज्यों के अधिकारों को छीन लिया था कि राज्य किस तरीके से अपने मेडिकल प्रवेश की परीक्षा को आयोजित करेंगे। जबकि राज्य 12वीं कक्षा के अंकों के आधार पर मेडिकल में प्रवेश सुनिश्चित कर सकते हैं।
विधेयक केंद्र सरकार के समक्ष लंबित
गुरुवार को राज्य विधानसभा के सत्र में तमिलनाडु के सीएम स्टालिन ने शनिवार 8 जनवरी को सर्वदलीय बैठक बुलाने की घोषणा की थी। उन्होंने कहा था कि राज्य विधानसाभा ने नीट से अलग होने के लिए सितंबर, 2021 में बिल पास किया था। यह विधेयक अब तक केंद्र सरकार के समक्ष लंबित पड़ा हुआ है। सीएम स्टालिन ने कहा कि नीट के खिलाफ और सामाजिक न्याय के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।
राज्यपाल के इस्तीफे की मांग
इससे पहले बुधवार को डीएमके लोकसभा सांसद टीआर बालू के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने इस मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से भी मुलाकात की कोशिश की थी। हालांकि, इस पर कोई निर्णय नहीं निकल सका। बालू ने दिल्ली से ही तमिलनाडु के राज्यपाल आरएन रवि के इस्तीफे की मांग की थी। उन्होंने कहा कि राज्यपाल संविधान के खिलाफ कार्य कर रहे हैं।