इम्पैक्ट रैंकिंग से सततता रेटिंग्स तक
2026 से टाइम्स हायर एजुकेशन की इम्पैक्ट रैंकिंग को नए नाम से पेश किया जाएगा- सततता इम्पैक्ट रेटिंग्स। इसमें संयुक्त राष्ट्र के 17 सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के आधार पर यूनिवर्सिटीज की सामाजिक और आर्थिक भागीदारी का मूल्यांकन होगा। यह मूल्यांकन यूनिवर्सिटीज की शिक्षण गुणवत्ता, रिसर्च, सामुदायिक सेवा और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग जैसी सैकड़ों कसौटियों पर आधारित होगा।
आंकड़ों की ज़बानी भारत की सफलता
- 2019 में: भारत की केवल 49 यूनिवर्सिटीज रैंकिंग में शामिल थीं (लगभग 4%)
- 2026 में: यह संख्या बढ़कर 128 यूनिवर्सिटीज हो जाएगी (लगभग 6%)
यह उपलब्धि दिखाती है कि भारत की यूनिवर्सिटीज ने अब वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए जरूरी डेटा संकलन, ऑडिटिंग, और सहभागिता जैसे पहलुओं को गंभीरता से अपनाया है।