इन्वर्टिस विश्वविद्यालय में पिछले चार दिनों से चल रहे राष्ट्रीय समारोह ''जोनासा 2016 के तीसरे दिन वास्तुकला की झलकियों के साथ-साथ मस्ती का माहौल बना रहा। इन्वर्टिस का मानना है कि वास्तु-शिल्प एक अदभुत क्षेत्र है जिसमें वास्तु-कला का अभ्यास कर रहे सभी छात्र व पेशेवर व्यक्ति कल्पित वस्तु को भी आकर्षक सूरत दे सकते हैं और उसे वास्तिविकता में ढाल सकते हैं।
इसी के चलते कल कार्यक्रम के मुख्य वक्ता ’’इयूजिन पांडला’’ने वास्तु-शिल्प की बारीकियों पर प्रकाश डाला। ''अंनतीकर्षा''की थीम पर आधारित इस समारोह की शुरुआत विभिन्न कार्यशालाओं जैसे सीस्मिक डिजाइन, डिजाइन माफिया-2 व एक्सपोस्ड ब्रिक आदि से हुई।
इन कार्यशालाओं के द्वारा छात्रों को जीरो वेस्ट मैनेजमेंट बिल्डिंग मैटेरियल का सही उपयोग बताया गया। इन कार्यशालाओं के आयोजक क्रमशः उजैर खान, सत्येन्दर चौधरी, दीपांकर विश्वास व अनूप कुमार रहे।
इन कार्यशालाओं के साथ ही साथ पोट्रेट मेकिंग,क्ले मॉडलिंग, पॉप-आउट पेंटिंग व विन्टेज मैकेनिस्म आदि र्कइ कलात्मक प्रतियोगिताओं भी हुई। इसके साथ ही मनोरंजन के लिए ब्रिक्स होल्डिंग, गेट सेट गो व पेनैल्टी शूट-आउट जैसे मनोरंजक प्रतियोगिताएं भी होती रहीं।
वर्कशॉप में लगभग 400 छात्रों को ग्रीन विन्डोज डिजाइन की
इन्वर्टिस विश्वविद्यालय
- फोटो : invertis university
जोनासा के स्पॉन्सर ’’फेनिस्ता’’ के उपाध्यक्ष वाईपी सिंह ने बताया कि समारोह में आयोजित इन वर्कशॉप में लगभग 400 छात्रों को ग्रीन विन्डोज की डिजाइन, पैटर्न और महत्ता एवं प्रदूषण से बचाने वाले नैचुरल वैन्टीलेशन के बारे में जानकारी प्राप्त की है।
सभी औपचारिक, अनऔपचारिक और फन कार्यक्रमों के साथ तीसरे दिन का प्रमुख आकर्षण ’’कोरिया-नाइट’’रही जिसकी थीम ’आत्मानुभूति’थी इस कोरिया नाइट के तहत 32 कॉलेजों की बेहतरीन नृत्य-प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद सभी मंत्रमुग्ध कर दिया।
कोरियो-नाइट की मुख्य अतिथि प्रसिद्ध कोरियोग्राफर शम्पा मलिक, अंकिता बिंद्रा, रहीं जिन्होंने निर्णायिका की भूमिका भी निभाई। अंत में सबने डीजे नाइट का आनंद उठाया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष दिलीप कुमार, अभिषेक अग्निहात्री, सोनाली खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।
चांसलर डॉ उमेश गौतम खुद भी कोरियो-नाइट पर कदम थिरकाने को मजबूर हो गए और साथ ही छात्रों को भी भरपूर मजे लेने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि सभी को अपना जोश एवं उत्साह पूरे उत्सव में बरकरार रखना जरूरी है।