फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेएनयू में कोरोना से बचाव के लिए व्यवस्था में किए गए ये अहम बदलाव

Mon, 23 Mar 2020 11:42 AM IST
ललित फुलारा एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला
विज्ञापन
jnu
विज्ञापन

जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हॉस्टल के मैस में खाना खाने से पहले एंट्री के दौरान अब विवि का पहचान पत्र दिखाना होगा। इसके अलावा, विद्यार्थियों को रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी करने पड़ेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल खाली के निर्देश के बाद भी कैंपस के हॉस्टलों में रह रहे विद्यार्थियों को खाना मुहैया कराने और कोरोना वायरस से बचाव के लिए व्यवस्था में बदलाव किया है। अब 18 हॉस्टल मैस की बजाय सिर्फ पांच में खाना बनेगा।

विज्ञापन

रजिस्ट्रार प्रो. प्रमोद कुमार की ओर से रविवार को छात्रों और सभी वार्डन के नाम जारी सर्कुलर में लिखा है कि कैंपस के सभी 18 हॉस्टल की मैस में खाना बनता था। अब सभी हॉस्टल की बजाय खंड (जेएनयू कैंपस को 5 खंडों में विभाजित किया गया है) के आधार पर मैस चलेंगी। कारण कि अब कैंपस में छात्रों की संख्या बेहद कम है। इसलिए सभी हॉस्टल मैस में खाना बनाना संभव नहीं है। इसलिए व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मैस में जाने से पहले पहचान पत्र दिखाने को इसलिए कहा जाएगा, ताकि जेएनयू के छात्र ही मैस सुविधा का लाभ उठा सकें। जेएनयू में बाहरी छात्र भी आते रहते हैं।


नई व्यवस्था में बांटे गए खंड के तहत उत्तराखंड के तहत आने वाले सभी हॉस्टल के छात्रों को झेलम, दक्षिणपुरम खंड के हॉस्टलों को कावेरी, पश्चिम खंड-1 में आने वाले हॉस्टलों के  छात्रों को नर्मदा, पश्चिमाबाद-2 के हॉस्टलों वाले सभी छात्रों को शिप्रा और पूर्वांचल खंड के तहत आने वाले सभी हॉस्टलों का खाना ब्रह्मपुत्र हॉस्टल की मैस में बना करेगा। छात्रों को अपने हॉस्टल के रजिस्टर में डाइट की जानकारी देनी होगी, ताकि उसी के आधार पर खाना तैयार हो सके। 

 

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें