जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में हॉस्टल के मैस में खाना खाने से पहले एंट्री के दौरान अब विवि का पहचान पत्र दिखाना होगा। इसके अलावा, विद्यार्थियों को रजिस्टर पर हस्ताक्षर भी करने पड़ेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हॉस्टल खाली के निर्देश के बाद भी कैंपस के हॉस्टलों में रह रहे विद्यार्थियों को खाना मुहैया कराने और कोरोना वायरस से बचाव के लिए व्यवस्था में बदलाव किया है। अब 18 हॉस्टल मैस की बजाय सिर्फ पांच में खाना बनेगा।
नई व्यवस्था में बांटे गए खंड के तहत उत्तराखंड के तहत आने वाले सभी हॉस्टल के छात्रों को झेलम, दक्षिणपुरम खंड के हॉस्टलों को कावेरी, पश्चिम खंड-1 में आने वाले हॉस्टलों के छात्रों को नर्मदा, पश्चिमाबाद-2 के हॉस्टलों वाले सभी छात्रों को शिप्रा और पूर्वांचल खंड के तहत आने वाले सभी हॉस्टलों का खाना ब्रह्मपुत्र हॉस्टल की मैस में बना करेगा। छात्रों को अपने हॉस्टल के रजिस्टर में डाइट की जानकारी देनी होगी, ताकि उसी के आधार पर खाना तैयार हो सके।