दि हंस फाउंडेशन के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉक्टर जीवी राव, मेजर इयान कार्डोजो, CPEDPके चेयरमैन सोम मित्तल ने 19 जुलाई 2018 को हैंडबुक रिलीज की। हैंडबुक रिलीज करने के पीछे द हंस फाउंडेशन के दो अहम मकसद हैं।
पहला- दिव्यांगों को दिव्यांग अधिकार अधिनियम -2016 की जानकारी हो और दूसरा लक्ष्य है कि विधेयक के हर चैप्टर को सरलता से बताना, जिससे कि वे इस जानकारी को अच्छे से समझकर इससे लाभ उठा सकें।
दिव्यांग अधिकार अधिनियम -2016 (RPWD) बड़ा ही महत्वपूर्ण कदम है। देश में दिव्यांगों को अधिकार दिलाने के लिए चलाई जा रही मुहिम में यह एक उपलब्धि है।
कानून तो बन गया है, यह बड़ी बात है, लेकिन इससे भी ज्यादा अहम है इसका लागूहोना । किसी भी कानून का मकसद तभी हल हो सकता है जब उसके बारे में जागरूकता हो। इसी मकसद को पूरा करने के लिए स्वयं सेवी संगठन 'दि हंस फाउंडेशन' ने यह कदम उठाया है
नेशनल सेंटर फॉर प्रमोशन ऑफ एम्प्लॉयमेंट फॉर डिस्एबल्ड पीपल (NCPEDP) के सहयोग से दि हंस फाउंडेशन ने एक हैंडबुक पब्लिश की है। इसमें दिव्यांग अधिकार अधिनियम -2016 के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई है, जिसकी मदद से दिव्यांगअपने अधिकारों के बारे में बेहद अहम जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं और लाभ उठा सकते हैं।
हैंडबुक हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में प्रकाशित की गई है। हैंडबुक में दिव्यांग अधिकार अधिनियम -2016 से जुड़ी बातें बेहद सरल भाषा में लिखी गई हैं,जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक जानकारी पहुंचे। आने वाले समय में दि हंस फाउंडेशन रीजनल भाषाओं में भी हैंडबुक पब्लिश करेगा।