लव जिहाद का मामला देश के विभिन्न राज्यों में एक बार फिर से तूल पकड़ रहा है। इसके बढ़ते मामलों को देखते हुए कई राज्यों में इसके खिलाफ सख्त कानून बनाने की तरफ कदम भी बढ़ा दिया है तो कुछ इस राह पर आगे चल रहे हैं। हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में इसको लेकर जबरदस्त पहल की गई है।
लव जिहाद को लेकर देशभर में गरमाए माहौल के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली प्रदेश कैबिनेट ने धर्मांतरण अध्यादेश के मसौदे को मंजूरी भी दे दी है। राज्यपाल की मंजूरी मिलते ही यह कानून प्रभावी हो जाएगा। नया कानून अमल में आने के बाद प्रदेश में बलपूर्वक, झूठ बोलकर, लालच देकर या अन्य किसी कपटपूर्ण तरीके से अथवा विवाह के लिए धर्म परिवर्तन गैर जमानती अपराध होगा।
दबाव डालकर या झूठ बोलकर अथवा किसी अन्य कपट पूर्ण ढंग से अगर धर्म परिवर्तन कराया गया तो यह एक संज्ञेय अपराध माना जाएगा। यह गैर जमानती होगा और प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट के न्यायालय में मुकदमा चलेगा। दोष सिद्ध हुआ तो दोषी को कम से कम 01 वर्ष और अधिकतम 05 वर्ष की सजा भुगतनी होगी। साथ ही कम से कम 15,000 रुपए का जुर्माना भी भरना होगा।
ये भी पढ़ें : आखिर क्या है लव जिहाद? यहां जानिए इससे जुड़ी हर जरूरी बात
सामूहिक धर्म परिवर्तन पर भी लगाम
योगी सरकार ने सामूहिक धर्म परिवर्तन की घटनाओं पर लगाम लगाने के भी पुख्ता इंतजाम किए हैं। नए कानून में सामूहिक धर्म परिवर्तन के मामले में तीन से 10 वर्ष तक जेल हो सकती है और कम से कम 50,000 रुपये का जुर्माना भरना होगा। इन तीनों राज्यों की ही तरह दूसरे भाजपा शासित राज्यों में भी इस तरह की कवायद तेज होती दिखाई दे रही है।
ये भी पढ़ें : क्या आप जानते हैं अंतरजातीय विवाह के लिए क्या-क्या कानून बनाए गए हैं? यहां देखें सूची
ये होंगे बदलाव -
- इस तरह के अपराध के पीडि़त व्यक्ति या उसके अभिभावक शिकायत दर्ज करवा सकेंगे।
- मामला दर्ज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी संभव हो सकेगी।
- इस मामले में आरोपी को कोर्ट से जमानत लेनी होगी। इस तरह के मामलों में आरोपी के सहयोगियों पर भी समान धाराओं में मुकदमा चलाया जा सकेगा।
- मर्जी से धर्म परिवर्तन करने वाले को पहले कलेक्टर के सामने आवेदन करना होगा।