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Textbook Row: ओडिशा में स्कूली किताबों को लेकर क्यों मचा बवाल? यूथ कांग्रेस ने सरकार को घेरा, निकाली मशाल रैली

Mon, 10 Aug 2026 12:33 PM IST
Akash Kumar एएनआई, भुवनेश्वर

सार

Odisha School Textbook Row: ओडिशा में स्कूली किताबों में कथित गलतियों और पेपर लीक के मुद्दे पर यूथ कांग्रेस ने भुवनेश्वर में मशाल रैली निकाली। कांग्रेस ने सरकार पर छात्रों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाया और शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग की। जानें पूरा मामला...
 
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Odisha School Textbook Row - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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Odisha School Textbook Row: भुवनेश्वर में सोमवार को ओडिशा यूथ कांग्रेस ने मशाल रैली निकाली। इस दौरान संगठन ने राज्य की भाजपा सरकार को शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर घेरा। कांग्रेस ने स्कूल की किताबों में कथित गलतियों और परीक्षा पेपर लीक के मामलों को लेकर सरकार से जवाब मांगा।

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रैली में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और यूथ कांग्रेस के नेताओं ने हिस्सा लिया। पार्टी का कहना है कि बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाओं का सीधा असर छात्रों पर पड़ रहा है।

कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने क्या कहा?

ओडिशा कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा कि प्रयागराज में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आह्वान के बाद देशभर के युवा और छात्र जागरूक हुए हैं। उन्होंने कहा कि ओडिशा में भी यह संघर्ष जारी है और आने वाले समय में इसे देशभर में आगे बढ़ाया जाएगा। दास ने रैली में यूथ कांग्रेस के नेतृत्व और पार्टी के अन्य नेताओं की मौजूदगी का भी जिक्र किया।

किताबों में 3,000 से ज्यादा गलतियों का दावा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मानस चौधरी ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार शिक्षा और छात्रों से जुड़े मुद्दों को ठीक तरह से नहीं संभाल रही है। उन्होंने दावा किया कि राज्य में स्कूली छात्रों के प्रश्नपत्र लीक हुए हैं और स्कूल की किताबों में 3,000 से ज्यादा गलतियां हैं।

चौधरी ने शिक्षा मंत्री पर भी निशाना साधते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने की मांग की। हालांकि, 3,000 से ज्यादा गलतियों का यह आंकड़ा कांग्रेस नेता की ओर से लगाया गया दावा है, इसलिए इसे सरकार द्वारा प्रमाणित आंकड़े के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस ने सरकार से क्या मांग की?

यूथ कांग्रेस का आरोप है कि शिक्षा व्यवस्था में लगातार सामने आ रही कथित अनियमितताओं से छात्रों को नुकसान हो रहा है। संगठन ने इन मामलों में सरकार की जवाबदेही तय करने की मांग की। कांग्रेस नेताओं के अनुसार मुख्य मुद्दे हैं:
  • स्कूल की किताबों में कथित गलतियां
  • परीक्षा प्रश्नपत्र लीक होने के आरोप
  • छात्रों से जुड़े मुद्दों पर सरकार की कथित निष्क्रियता
  • शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही तय करने की मांग

रैली को इन्हीं मुद्दों के खिलाफ यूथ कांग्रेस के अभियान का हिस्सा बताया गया।

झारखंड में भी परीक्षा विवाद को लेकर प्रदर्शन जारी

ओडिशा के अलावा झारखंड में भी प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों का विरोध प्रदर्शन चल रहा है। रांची में भाजपा के प्रदेश महासचिव अमर कुमार बाउरी ने जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं को लेकर झारखंड सरकार पर निशाना साधा।

बाउरी ने आरोप लगाया कि पिछले सात वर्षों में राज्य सरकार के कार्यकाल के दौरान 13 परीक्षाएं आयोजित हुईं और एक को छोड़कर लगभग सभी किसी न किसी विवाद या जांच के घेरे में आईं।

उन्होंने पेपर लीक, परीक्षा व्यवस्था में गड़बड़ी, नकल कराने वाले गिरोह और अलग-अलग केंद्रों पर समान सीरियल नंबर वाले उम्मीदवारों की भर्ती जैसे आरोप लगाए। ये आरोप भाजपा नेता की ओर से लगाए गए हैं और इन्हें संबंधित मामलों में स्थापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जाना चाहिए।

जेपीएससी 14वीं प्रारंभिक परीक्षा को लेकर क्या विवाद है?

बाउरी ने हालिया जेपीएससी 14वीं सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि परीक्षा के बाद कथित तौर पर वायरल हुई ओएमआर शीट को लेकर विवाद खड़ा हुआ और इसके बाद छात्रों का प्रदर्शन शुरू हुआ। उनके अनुसार, उस समय से छात्रों का विरोध प्रदर्शन जारी है और प्रदर्शन को 16 दिन हो चुके हैं।

जेपीएससी 14वीं प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम 5 जुलाई को जारी किया गया था। इसके बाद अभ्यर्थियों ने भर्ती प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं को लेकर सवाल उठाए।
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झारखंड के छात्र क्या मांग कर रहे हैं?

प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगों में कथित रूप से प्रभावित परीक्षाओं को रद्द करना और मामले की निष्पक्ष जांच कराना शामिल है। छात्रों की मांगों में शामिल हैं:
  • कथित रूप से प्रभावित परीक्षाओं को रद्द करना
  • सीबीआई जांच कराना
  • मूल्यांकन प्रक्रिया में पारदर्शिता
  • कटऑफ और उत्तर पुस्तिकाओं/उत्तर से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करना
  • जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
  • यूपीएससी और एसएससी की तर्ज पर नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करना
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