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Telangana: यंग इंडिया स्कूल्स के लिए 30,000 करोड़ का अनुरोध; तेलंगाना ने केंद्र से एफआरबीएम सीमा में ढील मांगी

Fri, 05 Sep 2025 11:50 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Young India Schools: तेलंगाना सरकार ने यंग इंडिया स्कूल्स के लिए 30,000 करोड़ रुपये जुटाने और एफआरबीएम सीमा में ढील पाने हेतु केंद्र से अनुरोध किया है।
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भट्टी विक्रमार्क मल्लू - फोटो : इंस्टाग्राम
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विस्तार
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Telangana Government: तेलंगाना सरकार ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से 'युवा भारत एकीकृत आवासीय विद्यालयों' बनाने और शिक्षा क्षेत्र में निवेश के लिए 30,000 करोड़ रुपये की धनराशि उपलब्ध कराने का आग्रह किया है। इसके लिए सरकार ने कहा कि यह राशि राजकोषीय उत्तरदायित्व और बजट प्रबंधन अधिनियम (FRBM) की सीमा से बाहर रखी जाए। 

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उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क ने गुरुवार रात राष्ट्रीय राजधानी में सीतारमण से मुलाकात की और एक ज्ञापन सौंपा।

उन्होंने कहा कि व्यापक शिक्षा क्षेत्र परिवर्तन के लिए अनुमानित वित्तीय परिव्यय 30,000 करोड़ रुपये होगा, जिसमें 105 वाईआईआईआरएस परिसरों के निर्माण के लिए 21,000 करोड़ रुपये और शिक्षा क्षेत्र में संबद्ध निवेश के लिए अतिरिक्त 9,000 करोड़ रुपये शामिल हैं।

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सिस्टम-व्यापी सुधार के साथ आधुनिक स्कूल मॉडल

ज्ञापन में कहा गया है, "इन संसाधनों को जुटाने के लिए, राज्य सरकार निर्माण और संबद्ध निवेश के लिए स्थापित एक विशेष प्रयोजन निगम के माध्यम से ऋण जुटाने का प्रस्ताव रखती है। हम गंभीरतापूर्वक अनुरोध करते हैं कि इन उधारों को राज्य की एफआरबीएम सीमा से छूट दी जाए, क्योंकि यह व्यय की नियमित खपत के बजाय मानव विकास में दीर्घकालिक पूंजी निवेश है।"

वाईआईआईआरएस मॉडल सिर्फ नई इमारतों के लिए नहीं है; यह पूरे स्कूल सिस्टम में बदलाव लाने का प्रयास है। इसमें बच्चों को बहु-विषयक शिक्षा, एआई-सक्षम कक्षाएं, एसटीईएम और व्यावसायिक प्रयोगशालाएं, स्वस्थ पोषण सेवाएं, खेल और कला का समावेश, और सुरक्षित व लैंगिक-संवेदनशील रहने की सुविधाएं दी जाएंगी।

तेलंगाना के बच्चों के लिए आधुनिक और सुरक्षित स्कूल

प्रत्येक परिसर में कर्मचारियों के लिए आवास, स्वास्थ्य इकाइयां, परामर्श सेवाएं, तथा छत पर सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन, जल पुनर्चक्रण और अपशिष्ट प्रबंधन प्रणाली जैसी स्थायित्व सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

उन्होंने कहा, वाईआईआईआरएस का उद्देश्य तेलंगाना के सबसे गरीब बच्चों के लिए विश्व स्तरीय स्कूल और पढ़ाई का माहौल तैयार करना है। यह पहल एसडीजी-4 (समान और समावेशी शिक्षा) के लक्ष्य और भारत की शिक्षा प्रतिबद्धताओं के अनुरूप है।

साथ ही, यह कदम मानव पूंजी निर्माण को प्राथमिकता देता है और 2047 तक विकसित भारत बनाने के लक्ष्य की ओर प्रगति को तेज करेगा।
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