TNGCTA: तमिलनाडु सरकारी कॉलेज शिक्षक संघ (TNGCTA) ने कॉलेज शिक्षा की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी को जारी किए गए स्पष्टीकरण नोटिस का विरोध किया है। यह नोटिस छात्रों की राजनीतिक विरोध प्रदर्शनों में भागीदारी को लेकर जारी एक परिपत्र से जुड़ा है। शिक्षक संघ ने सरकार की इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए नोटिस को तुरंत वापस लेने की मांग की है।
22 अगस्त को जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में, टीएनजीसीटीए के महासचिव एस सुरेश ने सवाल उठाया कि संयुक्त निदेशक को ही क्यों निशाना बनाया जा रहा है और उन्हें ही क्यों जिम्मेदार ठहराया जा रहा है, जबकि वह केवल उच्च स्तरीय राज्य कानून और व्यवस्था बैठक में लिए गए निर्णयों के बाद उच्च अधिकारियों से प्राप्त प्रशासनिक निर्देशों का पालन कर रही थीं।
एसोसिएशन के अनुसार, 28 जुलाई को मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई कानून और व्यवस्था की बैठक के कार्यवृत्त के आधार पर उच्च शिक्षा विभाग के विशेष सचिव द्वारा शुरू में एक निर्देश जारी किया गया था।
छात्रों को विरोध-प्रदर्शनों से दूर रखने के लिए विभागों में तालमेल के निर्देश
बैठक में स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, पुलिस और जिला प्रशासन को आपस में मिलकर काम करने के लिए कहा गया था। इसका उद्देश्य छात्रों और युवाओं को वामपंथी पार्टियों और अन्य संगठनों के विरोध-प्रदर्शनों और आंदोलनों में शामिल होने से रोकना था।
इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने 14 अगस्त को कॉलेज शिक्षा आयुक्त, तकनीकी शिक्षा निदेशक और राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के रजिस्ट्रार को निर्देश भेजे। इसमें 20 अगस्त या उससे पहले कार्रवाई की रिपोर्ट (ATR) सरकार को देने को कहा गया था। इसी के तहत कॉलेज शिक्षा की संयुक्त निदेशक सिंथिया सेल्वी ने सभी आर्ट्स और साइंस कॉलेजों को सर्कुलर जारी किया।