तमिलनाडु बोर्ड ने अभी तक दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाएं स्थगित नहीं की हैं। टीडीपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शनिवार को इसे लेकर चिंता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सूबे की वाईएसआरसीपी सरकार कोरोना वायरस की दूसरी लहर को हल्के में ले रही है। जबकि वायरस की दूसरी लहर में कर्मचारियों और श्रमिकों के साथ ही अन्य लोगों के जानमाल को नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस दौरान सूबे में दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को आयोजित कराने को लेकर भी चिंता जताई और कोरोना काल में परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की।
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नायडू ने संक्रमण के गंभीर प्रकोप को सरकार की विफलता करार दिया। पूर्व मुख्यमंत्री ने सूबे की सरकार से दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग की ताकि इस महामारी के दौर में छात्र, माता-पिता, अध्यापक और गैर-शिक्षण कर्मचारी सुरक्षित रह सकें और उनको कोई नुकसान न हो। गौरतलब है कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर की वजह से देशभर में संक्रमित मरीजों की संख्या रिकॉर्ड स्तर पर है। कोविड-19 की दूसरी लहर को देखते हुए कई राज्यों ने अपने यहां दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है और स्कूल और शिक्षण संस्थानों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। सीबीएसई बोर्ड और आईसीएसई बोर्ड ने भी दसवीं और बारहवीं कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं को स्थगित कर दिया है।
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वहीं सूबे के छात्र सोशल मीडिया के जरिए दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षाओं को स्थगित करने की मांग कर रहे हैं। कई छात्रों ने इसे लेकर हस्ताक्षर अभियान भी चलाया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार कैसे छात्रों को परीक्षाएं देने के लिए मजबूर कर सकती है जबकि देश में कोरोना का विकट संकट गहराया हुआ है।