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सफलता को बनाया आदत, हर प्रोग्राम में पाई रैंक, कानपुर की तान्या सीएस परीक्षा में ऑल इंडिया टॉपर

Mon, 26 Aug 2019 11:32 AM IST
शिखा पांडेय एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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तान्या कथूरिया, समीक्षा भाटिया - फोटो : अमर उजाला
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किसी चीज को पाने की लगन लग जाए तो नामुमकिन भी मुमकिन बन जाता है। ऑल इंडिया टॉपर के रूप में कंपनी सेक्रेटरी की परीक्षा पास करने वाली तान्या कथूरिया को सीएस बनने की ऐसी लगन लगी कि उन्होंने इसके हर प्रोग्राम में एक ही प्रयास में सफलता पाई और वह भी ऑल इंडिया रैंक के साथ।
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तान्या ने कंपनी सेक्रेटरी बनने की पहली सीढ़ी फाउंडेशन प्रोग्राम की परीक्षा देश भर में पहला स्थान और दूसरी सीढ़ी एग्जीक्यूटिव में 12वां स्थान पाकर पास की थी। जबकि इससे पहले 12वीं की परीक्षा तक उन्हें कभी कोई रैंक नहीं मिली थी। 

कानपुर में घाऊखेड़ा, लालबंगला निवासी तान्या के पिता जोगेंद्र कथूरिया अधिवक्ता हैं और मां रजनी गृहिणी। तान्या ने सेंट जोसेफ सीनियर सेकेंडरी स्कूल से 2016 में 12वीं के बाद सीएम की पढ़ाई शुरू की। तान्या ने बताया कि मां-पिता ने पूरा सहयोग किया। इसके बाद उन्होंने पूरी लगन के साथ पढ़ाई शुरू की। उन्होंने पहली रैंक पाने का लक्ष्य निर्धारित कर लिया था। इसके लिए सब कुछ भूलकर पढ़ाई की।
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सोशल मीडिया पर वह सक्रिय रहती हैं, लेकिन परीक्षा के दिनों में इससे दूरी बना ली। पूरा दिन पढ़ाई के बाद दिमाग को थोड़ा आराम चाहिए, इसलिए टीवी भी देखती थीं। परीक्षा के दौरान यूट्यूब पर टीचर्स के स्टडी मैटेरियल से जुड़े वीडियो जरूर देखे। युवाओं के लिए यही संदेश है कि आप अपने लिए पढ़ रहे हैं, किसी पर अहसान नहीं कर रहे। इसलिए अपना शतप्रतिशत देने की कोशिश करें।
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नकारात्मक सोच वालों से बनाएं दूरी
प्रोफेशनल प्रोग्राम की पढ़ाई शुरू करते ही एक चीज दिमाग में बिठा ली थी कि ऑल इंडिया रैंक लेकर आनी है। हर चीज सोच पर निर्भर करती है। अगर आपके अंदर हिम्मत है और आपने सोच लिया है तो सफलता जरूर मिलती है।

किसी की भी बात जो परेशान कर सकती है, या फिर अपनी सोच पर शक करने में मजबूर करे तो ऐसे लोगों से दूरी बना लें। यह कहना है कंपनी सेक्रेटरी की परीक्षा में ऑल इंडिया चौथी रैंक पाने वाली समीक्षा भाटिया का।

कानपुर के कल्याणपुर निवासी समीक्षा के पिता यशपाल भाटिया प्राइवेट कंपनी में अकाउंटेंट हैं और मां अलका नारामऊ स्थित एमआर जयपुरिया स्कूल में टीचर। बड़ा भाई आयुष एमबीए कर रहा है। घर की कमजोर आर्थिक स्थिति उन्हें कुछ करने की प्रेरणा देती थी। समीक्षा ने बताया कि घर की गाड़ी चलाने के लिए मां-पिता दोनों को काम करना पड़ा। उनके संघर्ष को देखकर कुछ करने की ललक ने यह सफलता दिलाई।  

प्रोफेशनल प्रोग्राम में तीन ग्रुप और नौ सब्जेक्ट होते हैं। सभी विषयों की पढ़ाई का समय निर्धारित किया। सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर उन्होंने कहा कि  हर चीज के इस्तेमाल की सीमा होती है। परीक्षा के समय इन चीजों से दूरी बनाई। समीक्षा ने इससे पहले गुरु नानक मॉडल स्कूल, कल्याणपुर में 12वीं कक्षा में बिजनेस विषय पर स्कूल टॉप किया था।
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