तमिलनाडु के एक स्कूल पर छात्राओं के धर्मांतरण कराने के आरोप लगे हैं। मामला चेन्नई के एक स्कूल का है जिसे स्कूल चर्च ऑफ साउथ इंडिया (CSI) की ओर से संचालित किया जाता है। हालांकि, मामले पर विवाद बढ़ता देखकर तमिलनाडु सरकार ने एक जांच टीम का गठन किया था। मामले की जांच के बाद टीम ने इस आरोप को गलत करार दिया है। आइए जानते हैं क्या है यह पूरा मामला...
NCPCR ने जारी किया था निर्देश
स्कूल पर धर्मांतरण कराने के आरोप के बाद राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग/NCPCR की ओर से हाल ही में मोनाहन स्कूल गर्ल्स हॉस्टल से सभी लड़कियों को बाहर निकालने का निर्देश दिया था। 9 सितंबर को जारी किए गए पत्र में एनसीपीसीआर के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को निर्देश दिए थे। पत्र में लिखा गया था कि हॉस्टल की छात्राओं को 24 घंटे के भीतर चाइल्ड केयर इंस्टीट्यूशन से रेस्क्यू कर के चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के सामने पेश किया जाए। कानून के अनुसार छात्राओं के बयानों की रिकॉर्डिंग की जाएगी और उनकी अच्छे से कॉउन्सलिंग होगी।
राज्य सरकार ने क्या कहा?
पूरे मामले की जांच के बाद राज्य सरकार की टीम ने इस आरोप को खारिज कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक टीम ने बताया है कि इन आरोपों में कोई सच्चाई नहीं है। तमिलनाडु सरकार ने यह जानकारी NCPCR को देने का फैसला किया है कि उसे गुमराह किया गया है और इस आरोप में कोई भी सच्चाई नहीं है।
स्कूल अधिकारी क्या बोले
हॉस्टल के बोर्ड निदेशक ने बताया कि 6 सितंबर को एक टीम ने दौरा किया और छात्रों के साथ बातचीत की। 7 तारीख को डॉ शरण्य सरस्वती और कुछ अन्य शाम को आए, छात्रावास का दौरा किया और बच्चों के साथ बातचीत की। उन्होंने वार्डन और मैनेजर को हॉस्टल से बाहर भेज दिया। हमें नहीं पता कि किस बारे में बातचीत हुई है।