यूनिवर्सिटी के अध्ययन में एक खुलासा सामने आया है। ब्रिटेन में स्नातक की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राएं अपने प्रोजेक्ट्स को बड़ी चालाकी और बेईमानी को साथ पूरा करवा रहे हैं। वे छात्र अपने प्रोजेक्ट या असाइमेंट को खुद पूरा नहीं करते हैं। बल्कि इसके लिए वे सोशल मीडिया पर बैठे ऑनलाइन लोगों की मदद ले रहे हैं और सिर्फ इतना ही नहीं वे इसके लिए भारी भुगतान भी कर रहे हैं।
खास बात ये सामने आई है कि जो लोग प्रोजोेक्ट पूरा करके देते है उनका एक बड़ा कारोबार खड़ा हो गया है। ये सालाना 900 करोड़ रुपये को पार कर चका है। स्वानसी यूनिवर्सिटी एक अध्ययन में इस बात का भी खुलासा हुआ है कि प्रत्येक सात में से एक स्नातक छात्र अपने प्रोजेक्ट को पूरा करवा रहा है। यूनिवर्सिटी ने 54 दुनियाभर के 2014 से 2018 तक 54 हजार से ज्यादा छात्रों के इंटरव्यू के दौरान पाया कि 15.7% छात्रों ने ये स्वीकार किया कि उन्होंने अपना प्रोजेक्ट का निबंध सात हजार रुपये देकर लिखवाया है।