खर्च में भी दिल्ली सबसे आगे
सिर्फ संख्या ही नहीं, बल्कि खर्च में भी दिल्ली आगे है। जहां देशभर में परिवार सालाना औसतन 2,409 रुपये कोचिंग पर खर्च करते हैं, वहीं दिल्ली में यह खर्च 5,643 रुपये है यानी दोगुना से भी ज्यादा।
- हायर सेकेंडरी स्तर: दिल्ली 12,891 रुपये बनाम राष्ट्रीय औसत 6,384 रुपये
- सेकेंडरी स्तर: दिल्ली 10,866 रुपये बनाम राष्ट्रीय औसत 4,183 रुपये
- मिडिल स्कूल: दिल्ली 4,992 रुपये बनाम राष्ट्रीय औसत 2,189 रुपये
दिल्ली में 5,812 रुपये औसतन खर्च
शहरी दिल्ली में छात्र औसतन 5,812 रुपये खर्च करते हैं, जबकि ग्रामीण इलाके में यह आंकड़ा ₹2,865 है। दिल्ली की लड़कियां भी लड़कों से ज्यादा खर्च कर रही हैं।
- शहरी लड़कियां: ₹6,683
- शहरी लड़के: ₹5,159
- ग्रामीण लड़कियां: ₹3,982
- ग्रामीण लड़के: ₹2,188
क्यों बढ़ रहा है ट्यूशन का ट्रेंड?
विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड एग्जाम और कॉम्पिटिटिव टेस्ट की तैयारी इस ट्रेंड को और बढ़ा रही है। अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे बेहतर अंक और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करें, इसलिए वे ट्यूशन पर अधिक खर्च करने को मजबूर हैं।