फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Survey: दिल्ली के 40% छात्र प्राइवेट ट्यूशन पर निर्भर, राष्ट्रीय औसत से दोगुना कर रहे खर्च; सर्वे में खुलासा

Sat, 30 Aug 2025 03:15 PM IST
शिवम गर्ग एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

Education Survey 2025: दिल्ली में 10 में से 4 छात्र प्राइवेट कोचिंग पर निर्भर हैं, जो राष्ट्रीय औसत से कहीं अधिक है। जानें कैसे लड़कियां, ग्रामीण-शहरी इलाकों के बीच अंतर और खर्च की बढ़ती बोझ ने शिक्षा को और चुनौतीपूर्ण बना दिया है।
विज्ञापन
Delhi Students Coaching - फोटो : freepik
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Delhi Students Coaching: दिल्ली में पढ़ाई कर रहे बच्चों के लिए प्राइवेट ट्यूशन अब एक सामान्य हिस्सा बन चुका है। राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण (NSS) का शिक्षा पर व्यापक मॉड्यूलर सर्वेक्षण (CMS) की नई रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी में करीब 10 में से 4 स्कूली छात्र प्राइवेट कोचिंग ले रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत (27%) से कहीं ज्यादा है।

विज्ञापन


दिल्ली इस मामले में देशभर में छठे स्थान पर है। सूची में सबसे ऊपर त्रिपुरा है, जहां लगभग 79% छात्र ट्यूशन पर निर्भर हैं। पश्चिम बंगाल और ओडिशा इसके बाद आते हैं।

लड़कियां ट्यूशन में आगे

दिल्ली की लड़कियां लड़कों के मुकाबले ज्यादा कोचिंग ले रही हैं। रिपोर्ट बताती है कि 42.7% लड़कियां और 36.5% लड़के ट्यूशन क्लास में जाते हैं। खासकर सीनियर क्लासेज में यह आंकड़ा तेजी से बढ़ जाता है।

सीनियर क्लास में सबसे ज्यादा कोचिंग

सर्वेक्षण के अनुसार, दिल्ली में हायर सेकेंडरी स्तर पर छात्रों की ट्यूशन पर निर्भरता सबसे ज्यादा देखी गई है। इस स्तर पर 59.2% छात्र प्राइवेट कोचिंग ले रहे हैं। शहरी इलाकों में यह आंकड़ा और भी अधिक है, जहां 61% विद्यार्थी ट्यूशन ले रहे हैं। इसमें लड़कियां (61.8%) लड़कों (60.3%) से थोड़ी आगे हैं। वहीं, ग्रामीण दिल्ली की बात करें तो यहां ट्यूशन लेने वाले छात्रों का प्रतिशत काफी कम होकर 31.4% रह जाता है।

विज्ञापन

खर्च में भी दिल्ली सबसे आगे

सिर्फ संख्या ही नहीं, बल्कि खर्च में भी दिल्ली आगे है। जहां देशभर में परिवार सालाना औसतन 2,409 रुपये कोचिंग पर खर्च करते हैं, वहीं दिल्ली में यह खर्च 5,643 रुपये है यानी दोगुना से भी ज्यादा।
  • हायर सेकेंडरी स्तर: दिल्ली 12,891 रुपये बनाम राष्ट्रीय औसत 6,384 रुपये 
  • सेकेंडरी स्तर: दिल्ली 10,866 रुपये बनाम राष्ट्रीय औसत 4,183 रुपये 
  • मिडिल स्कूल: दिल्ली 4,992 रुपये बनाम राष्ट्रीय औसत 2,189 रुपये 

दिल्ली में 5,812 रुपये औसतन खर्च

शहरी दिल्ली में छात्र औसतन 5,812 रुपये खर्च करते हैं, जबकि ग्रामीण इलाके में यह आंकड़ा ₹2,865 है। दिल्ली की लड़कियां भी लड़कों से ज्यादा खर्च कर रही हैं।
  • शहरी लड़कियां: ₹6,683
  • शहरी लड़के: ₹5,159
  • ग्रामीण लड़कियां: ₹3,982
  • ग्रामीण लड़के: ₹2,188

क्यों बढ़ रहा है ट्यूशन का ट्रेंड?

विशेषज्ञों का मानना है कि बोर्ड एग्जाम और कॉम्पिटिटिव टेस्ट की तैयारी इस ट्रेंड को और बढ़ा रही है। अभिभावक चाहते हैं कि उनके बच्चे बेहतर अंक और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल करें, इसलिए वे ट्यूशन पर अधिक खर्च करने को मजबूर हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें