सीबीएसई ने कहा- तय समय में 1.68 लाख छात्रों ने किया आवेदन
CJI ने कहा, "हम उन्हें आपके लिए यह विंडो दोबारा खोलने का निर्देश क्यों दें? अगर आप बस का इस्तेमाल नहीं करते, तो आपकी बस छूट जाती है। यह विंडो सभी के लिए एक निश्चित समय तक खुली थी।"
याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि वे केवल एक सप्ताह का समय मांग रहे हैं।
उन्होंने कहा, "वेबसाइट क्रैश हो गई थी और कई छात्र ऑन-स्क्रीन वेरिफिकेशन के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे।"
याचिका में OSM सिस्टम में गड़बड़ियों का आरोप
उन्होंने कहा कि दिल्ली हाई कोर्ट पहले ही इसी तरह की एक चुनौती को खारिज कर चुका है।
सुप्रीम कोर्ट उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए CBSE द्वारा OSM सिस्टम को लागू करने के तरीके को चुनौती दी गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि डिजिटल स्कैनिंग शुरू करने से कई अनियमितताएं हुईं, जैसे उत्तर पुस्तिकाओं के कुछ पन्नों का स्कैन न होना, स्कैन का साफ न होना और कुछ उत्तरों या पन्नों का मूल्यांकन न होना।