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Urjit Patel: केन्या में जन्म, 50 साल में भारतीय नागरिक, अब IMF में दूसरी पारी; खाने में दाबेली पसंद, क्रिकेट..

Sat, 30 Aug 2025 07:08 AM IST
दीपक कुमार शर्मा अमर उजाला नेटवर्क

सार

उर्जित पटेल केन्या में जन्मे और पचास वर्ष की उम्र में भारतीय बने। ऑक्सफोर्ड-येल से शिक्षित उर्जित पटेल के बतौर केंद्रीय बैंक के गवर्नर रहते हुए ही नोटबंदी का ऐतिहासिक निर्णय हुआ था। वैश्विक स्तर पर जारी आर्थिक अनिशि्चतताओं के दौर में उनका आईएमएफ में कार्यकारी निदेशक पद पर नियुक्त होना, बतौर अर्थशास्त्री उनके ज्ञान की ऊर्जा और उनके कद को ही दिखाता है।
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उर्जित पटेल - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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आठ नवंबर, 2016, रात आठ बजे का वह वक्त आज भी लगभग हर देशवासी के जेहन में है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक हजार और पांच सौ रुपये के नोट चलन से बाहर करके नोटबंदी की घोषणा की थी। इस ऐतिहासिक निर्णय के पीछे कई लोगों की अहम भूमिका थी, लेकिन इनमें सबसे प्रमुख नाम था भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के तत्कालीन गवर्नर उर्जित रवींद्र पटेल का, जिन्होंने महज दो महीने पहले ही यह जिम्मेदारी संभाली थी। आरबीआई के 24वें गवर्नर रहे उर्जित पटेल एकाएक फिर चर्चा में हैं। इस बार वजह है अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में कार्यकारी निदेशक के रूप में उनकी नियुक्ति।

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केन्या में जन्म
उर्जित पटेल का जन्म 28 अक्तूबर, 1963 को केन्या की राजधानी नैरोबी में हुआ था। बीसवीं सदी की शुरुआत में उनके दादा गुजरात के खेड़ा जिले के महुढ़ा गांव से केन्या चले गए थे। वहीं पर उर्जित पटेल के पिता रवींद्र पटेल का जन्म हुआ, जो रेक्सो प्रोडक्ट्स लिमिटेड नाम से नैरोबी में केमिकल फैक्टरी चलाते थे। उनकी मां का नाम मंजुला है।
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उर्जित ने गुजराती समुदाय द्वारा नैरोबी में संचालित विसा ओसवाल प्राथमिक स्कूल और जम्हूरी हाई स्कूल से शुरुआती तालीम हासिल की है। इसके बाद वह पढ़ने के लिए लंदन चले गए, जहां लंदन स्कूल ऑफ इकनॉमिक्स से 1984 में स्नातक किया। उन्होंने 1986 में ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से एमफिल और 1990 में अमेरिका की येल यूनिवर्सिटी से इकनॉमिक्स में ही पीएचडी की उपाधि हासिल की है।

शादी की अफवाह
उर्जित पटेल जब आरबीआई के गवर्नर बने, तो सोशल मीडिया पर अफवाह फैली कि उनकी शादी रिलायंस समूह की मालकिन नीता अंबानी की बहन से हुई है। हालांकि, अफवाह गलत थी। उर्जित की शादी 1994 में मध्य प्रदेश के पूर्व आईएएस रहे एचएम जोशी की बेटी और पूर्व आईएएस अरविंद जोशी की बहन विभा जोशी के साथ हुई थी। हालांकि, 2003 में उर्जित और विभा का तलाक हो गया था।

आईएमएफ में दूसरी पारी
अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट करने के बाद उर्जित पटेल आईएमएफ से जुड़ गए, जहां उन्होंने 1990 से 1995 तक अमेरिका, भारत, बहामास और म्यांमार डेस्क पर काम किया। इसके बाद पटेल प्रतिनियुक्ति पर आरबीआई से जुड़े। यह पटेल की योग्यता ही थी कि वह जल्द ही नरसिम्हा राव सरकार में तत्कालीन वित्त मंत्री डॉ. मनमोहन सिंह (पूर्व प्रधानमंत्री) और वित्त सचिव मोंटेक सिंह अहलूवालिया के करीबी बन गए और कई समितियों में काम किया। इसके बाद पटेल अटल बिहारी वाजपेयी, एचडी देव गौड़ा, इंद्रकुमार गुजराल और मनमोहन सरकार के कार्यकाल में आरबीआई और केंद्र सरकार की कई अहम वित्त समितियों और पदों पर रहे। इस बीच पटेल ने रिलायंस के साथ जुड़कर भी काम किया। वह 2013 में आरबीआई के डिप्टी गवर्नर नियुक्त हुए और चार सितंबर, 2016 को आरबीआई के 24वें गवर्नर के रूप में कार्यभार संभाला। लेकिन सरकार से कथित टकराव के चलते उन्होंने दिसंबर 2018 में अपना कार्यकाल पूरा होने के एक साल पहले ही इस्तीफा दे दिया। वह 2022 में बीजिंग स्थित एशियन इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट बैंक (एआईआईबी) में उपाध्यक्ष बने। अब उन्हें भारत सरकार की कैबिनेट ने आईएमएफ में कार्यकारी निदेशक नियुक्त करने का निर्णय लिया है, जहां वह भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

कुछ रूखे माने जाते हैं
बेशक उर्जित पटेल की जड़ें भारत से जुड़ी हैं, उन्होंने आरबीआई में कई अहम ओहदों पर काम भी किया, लेकिन उन्हें भारतीय नागरिकता 2013 में पचास वर्ष की उम्र में मिली। मौद्रिक नीति, आर्थिक शोध, वित्तीय बाजार, सांख्यिकी और सूचना प्रबंधन जैसे अहम मामलों में विशेषज्ञता रखने वाले उर्जित पटेल के बारे में कहा जाता है कि वह लोगों से ज्यादा घुलते-मिलते नहीं हैं। आरबीआई के गवर्नर बने, तो उनका रूखा और अड़ियल रवैया उनकी योग्यता पर ज्यादा हावी हो गया।
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बताया जाता है कि जब पटेल डिप्टी गवर्नर थे, तो तत्कालीन गवर्नर रघुराम राजन से छह महीने तक बातचीत नहीं हुई। पटेल से मिलने के लिए डिप्टी गवर्नरों को भी अपॉइंटमेंट लेनी पड़ती थी, तो सरकार को अपनी कई कल्याणकारी योजनाओं के लिए आरबीआई से धन लेने में कई समस्याओं का सामना करना पड़ा। उनके संबंध में एक बार केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सार्वजनिक मंच से कह दिया था कि पटेल के अड़ियल रवैये की वजह से उन्होंने तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली से उन्हें हटाने की गुजारिश की थी। हालांकि, उर्जित पटेल ने आरबीआई का गवर्नर पद छोड़ने के पीछे निजी कारण बताए थे।

दाबेली और क्रिकेट पसंद
उर्जित पटेल अपनी मां के साथ मुंबई में रहते हैं। उन्हें खाने में दाबेली अच्छी लगती है, तो वह क्रिकेट के भी प्रशंसक हैं। पटेल ने ओवरड्राफ्ट : सेविंग द इंडियन सेवर नाम से किताब लिखी है, जिसमें वह ‘9 आर’ का जिक्र करते हैं, जो बचत के तरीके सुझाती है। बताते हैं कि गुजराती परिवार में पैदा हुए उर्जित ने भारत आकर ही गुजराती और हिंदी बोलना सीखा।  

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