15 जनवरी 2012 का दिन मोनिका कभी नहीं भूल सकती। उसी दिन एक सड़क दुर्घटना में उन्होंने अपने माता-पिता को हमेशा के लिए खो दिया।
परिवार ने उनको सहारा दिया। लेकिन दो साल पहले एक बार फिर उनके परिवार पर कहर टूटा और चाचा की भी सड़क दुर्घटना में मौत हो गई।
इन मुश्किलों के बावजूद मोनिका ने हिम्मत नहीं हारी और सिविल सर्विसेज में सफलता हासिल कर माता-पिता का सपना पूरा किया।
माता-पिता का सपना पूरा किया
यूपीएससी
उनके पिता गोपाल सिंह राणा वन विभाग में संरक्षक पद पर कार्यरत थे। दुर्घटना के बाद उनके मामा संजीव नेगी, मामी प्रमिला नेगी, मौसा सुरेंद्र सिंह राणा, मौसी मनीषा राणा, बुआ और बड़ी बहन दिव्या ने मोनिका संभाला।
माता-पिता चाहते थे कि दिव्या सिविल सेवा परीक्षा में सफलता हासिल कर परिवार का नाम रोशन करे। लेकिन एकाएक हुए इस हादसे के बाद दिव्या को परिवार की जिम्मेदारियों को संभालना पड़ा।
उन्होंने निजी बैंक में नौकरी शुरू कर दी। माता-पिता की मौत के दौरान मोनिका मद्रास मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही थी।
ऐसे करती थीं यूपीएससी की तैयारी
upsc
हादसे की खबर सुनते ही वह दून पहुंच गई। हालांकि तीन दिन बाद ही उन्हें वापस जाना पड़ा, क्योंकि उसकी एमबीबीएस तीसरे वर्ष की परीक्षाएं थी।
मोनिका ने बताया कि तैयारी के दौरान वह तीन घंटे की कोचिंग के अलावा रोजाना आठ घंटे पढ़ाई करती थी। परीक्षा के दौरान उन्होंने लगातार 14-15 घंटे की पढ़ाई की। मोनिका ने बताया कि उन्हें बेहतर रैंक की उम्मीद थी।
चार मई को होगी शादी
चार मई को दून के विश्रांती फार्म हाउस में मोनिका की शादी एयरफोर्स में तैनात वैभव के साथ होनी है। इसके लिए इन दिनों सालावाला स्थित उनके घर में रिश्तेदारों का जमावड़ा लगा हुआ है। शुक्रवार को जब मोनिका के परीक्षा में सफल होने की सूचना मिली तो परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। उन्होंने मिठाई खिलाकर मोनिका को शुभकामनाएं दी।