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पढ़ाई लिखाई की आदत ने बना दिया लखपति

Wed, 08 Oct 2014 01:43 PM IST
एजुकेशन डेस्क/अमर उजाला ब्यूरो
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कोचिंग पढ़ते- पढ़ाते सदी के महानायक अमिताभ बच्चन से मिलने और पैसा जीतने का मौका मिलेगा यह चचेरे भाई अनुराग और शुभम शर्मा ने सपने में भी नहीं सोचा था। केबीसी 8 में भाग लेने के बाद दोनों हाट सीट पर पहुंचे तो फिर साढ़े बारह लाख रुपये जीतने तक रुके नहीं। अनुराग शर्मा खुद की कोचिंग चलाते हैं, जबकि शुभम कोचिंग में पढ़ते भी हैं और पढ़ाते भी हैं।
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शुभम शर्मा जब डेढ़ माह के ही थे तभी उनके माता-पिता उषा और राजेंद्र शर्मा एक्सीडेंट में चल बसे थे। अविवाहित चाचा अजय शर्मा ने शुभम को पाला और पढ़ाया। युवावस्था में ही बाप की जिम्मेदारी आ जाने पर शुभम के चाचा ने आज तक शादी नहीं की है। शुभम रामपुर बाग स्थित एक कोचिंग में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं।

उनके शिक्षक अंशु और शुभम अग्रवाल बताते हैं कि शुभम शर्मा पढ़ने में काफी अच्छे हैं। उन्होंने केबीसी में भी काफी सवालों के उत्तर दिए। कोचिंग के बच्चों ने कोचिंग की दीवारों पर शुभम के लिए शुभकामना संदेश लगाए हैं। शुभम के दूसरे चाचा कौशल किशोर शर्मा के बेटे अनुराग शर्मा ने बताया कि पिछले तीन सालों से वे केबीसी की तैयारी कर रहे थे। इस बार डबल्स में खेलने का मौका मिला तो नहीं चूके। ऑडीशन देने दोनों लखनऊ गए थे। आखिरी सवाल जिसने इनको आगे जाने से रोका वह चिकनगुनिया वायरस से जुड़ा हुआ था।
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पूछा गया था कि इसका वायरस सबसे पहले कहां पाया गया। विकल्प में नाइजीरिया, अंगोला, माली और तंजानिया शामिल था। सही जवाब तंजानिया था, लेकिन शुभम व अनुराग इसे नहीं दे पाए। अनुराग बताते हैं कि अभी तो उन्होंने कुछ सोचा नहीं है लेकिन वे इनाम में जीती राशि से कोचिंग इंस्टीट्यूट खोलकर लोगों  को शिक्षा देना चाहते हैं।
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