मेरा जन्म ओहियो के सिनसिनाटी में 1938 में हुआ। मैं अपने माता-पिता की सबसे बड़ी संतान था। मेरे पिता की अपनी कंपनी थी-टर्नर एडवर्टाइजिंग। उनका व्यवसाय बहुत ही आकर्षक था। मेरे पिता रॉबर्ट एडवर्ड ने बिलबोर्ड विज्ञापनों से काफी लाभ कमाया। हालांकि वह अच्छे व्यक्ति थे, लेकिन कभी-कभी गुस्से में मुझे पीट भी देते थे।
जब द्वितीय विश्वयुद्ध शुरू हुआ, तो मेरे पिता नौसेना में शामिल हो गए। उस दौरान उन्होंने मेरी मां और बहन को अपने साथ रखा, लेकिन मुझे अकेले बोर्डिंग स्कूल भेज दिया। युद्ध के बाद मैं अपने परिवार से मिला। 1960 में मेरे पिता ने मुझे अपनी कंपनी के जॉर्जिया ब्रांच का मैनेजर बना दिया। पहले ही वर्ष में मैंने अपने ब्रांच का राजस्व दोगुना कर दिया। लेकिन उन्होंने 1962 में बहुत महंगी कीमत में एक प्रतिद्वंद्वी कंपनी को खरीद लिया, जिससे कंपनी की आर्थिक स्थिति लड़खड़ा गई।
दिवालिया होने के भय से उन्होंने खुदकुशी कर ली। इस दुख से निपटने के लिए मैंने खुद को काम में पूरी तरह झोंक दिया। मैंने कंपनी का नाम बदलकर टर्नर कम्युनिकेशन कर दिया और कई रेडियो स्टेशन खरीदे। बाद में मैंने कंपनी का विस्तार करते हुए टीवी का काम शुरू किया और पुरानी फिल्मों व कॉमेडी के प्रसारण अधिकार खरीदे। यह फैसला बहुत लाभदायक सिद्ध हुआ। उसके बाद केबल न्यूज नेटवर्क (सीएनएन), कार्टून नेटवर्क शुरू किया और इंटरनेट व्यवसाय में भी निवेश किया।
व्यवसाय में असुरक्षा की भावना आपको सही फैसले लेने के लिए प्रेरित करती है। शायद ही आपको कोई सफल व्यक्ति मिले, जो कभी न कभी आंशिक रूप से असुरक्षा भाव से प्रेरित न हुआ हो। व्यवसाय में अगर आपको सफल होना है, तो कभी पलायन के बारे में नहीं सोचना चाहिए। सफल व्यक्ति पलायन नहीं करते और पलायन करने वाले कभी सफल नहीं होते। आपको हमेशा अपनी पहुंच से परे एक लक्ष्य निर्धारित करना चाहिए, ताकि आपके पास जीने का मकसद रहे। यदि आप कोई लक्ष्य निर्धारित करते हैं, तो सुनिश्चित करें कि आप सही हैं और फिर आगे बढ़ें। व्यवसाय में लोगों को अपना दोस्त बनाना महत्वपूर्ण होता है। यदि आप लोगों को सम्मान देंगे और मित्रवत व्यवहार करेंगे, तो दुश्मन भी दोस्त बन जाएंगे।