सुरेश रैना भले ही आज भारतीय क्रिकेट टीम का एक अहम हिस्सा और क्रिकेट का एक जगमगाता सितारा हैं। पर सुरेश रैना को इस मुकाम तक पहुंचने के लिए जिन परेशानियों का सामना करना पड़ा उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। रैना आज भी बेड के बजाए जमीन पर सोना पंसद करते हैं।
उन्होंने अपने छात्र जीवन का लंबा समय हॉस्टल में गुजारा है। घर और मां-बाप से दूर बच्चे का दिल वैसे भी नहीं लगता और हॉस्टल में रैना को रोजाना नई-नई दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। सीनियर द्वारा अमानवीयता की हद तक रैना को परेशान किया गया और इससे तंग आकर उन्होंने आत्महत्या तक करने की ठान ली थी।
रैना ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया,'शुरुआती दिनों में जब वह ट्रेन के फर्श पर न्यूज पेपर बिछाकर सोते हुए मैच खेलने के लिए जा रहे थे तो उन्हें अपनी छाती पर वजन सा महसूस हुआ। इससे पहले की वह अपनी आंखें खोल पाते उनके हाथों को नीचे दबा दिया गया।
जब आंखें खोलकर उन्होंने देखा तो एक बड़ा लड़का उनकी छाती पर बैठा था। इसके बाद उस लड़के ने रैना के चेहरे पर पेशाब कर दिया।' सुरेश रैना इस वक्त केवल 13 साल के थे उन्हें उत्तर प्रदेश के लखनऊ हॉस्टल में भी इस तरह के संघर्षों का सामना करना पड़ा था।
सुरेश रैना से जलते थे हॉस्टल के अन्य लड़के
लड़के हॉस्टल में सुरेश रैना के साथ काफी निर्दयी व्यवहार किया करते थे। रैना के साथ इस तरह का व्यवाहर करने वाले लड़के ज्यादातर एथलेटिक्स ब्रांच के थे और वह क्रिकेट कोचों की रैना को मिलती तवज्जो के कारण जलते थे।
रैना ने बताया,'कुछ लड़के दूध की डोल्ची में गंदगी वगैराह डाल देते थे हम इसे छन्नी की मदद से साफ किया करते। सर्दियों की कड़कड़ाती रात में भी सुबह तीन बजे दूध की डोल्ची बिखेर देते थे। अगर उनसे लड़ते तो हमें पता था अगर हम उन्हें एक मारेंगे तो पांच और आ जाएंगे।'
रैना ने नए संकल्प के साथ वापस आने के लिए हॉस्टस छोड़ दिया था और उन्होंने अपने गुस्से को एक सकारात्मक रुख दिया। रैना की जिंदगी में बदलाव की शुरुआत मुंबई से एयर इंडिया के लिए क्रिकेट खेलने के साथ हुई। रैना इस इवेंट को अपने लिए लाइफ चैंजिंग इवेंट मानते हैं।
रैना यूपी में रहते तो खत्म हो जाते
सुरेश रैना अपनी बीवी के साथ
रैना ने कहा,'यूपी में रहता तो खत्म हो जाता, छोटे मोटे गेम खेलते हुए। प्रवीण आमरे ने यहां काफी प्रोत्साहित किया और खेल के लिए 10 हजार रुपए भी मिले थे। 8 हजार मैंने परिवार को भेज दिए जब मैंने परिवार से बात की थी तो उस समय एक एसटीडी की कॉल की कीमत 4 रुपए थी मैंने 2 मिनट में ही फोन रख दिया। इससे मुझे पैसे की अहमियत का एहसास होता था।
घुटने की सर्जरी के कारण रैना को ठीक होने में कुछ समय लगा और उन्होंन इसे अपनी जिंदगी का मुश्किल वक्त बताया। आईपीएल सुरेश रैना की जिंदगी में एक और टर्निंग प्वॉइंट साबित हुआ। रैना ने कहा कि,'मैं अपने करियर को लेकर काफी डरा हुआ था।
मेरे ऊपर 80 लाख रुपए का हाउस लोन भी था।' हालांकि उन्होंने वापसी की थी। 2015 में सुरेश रैना ने प्रियंका चौधरी से शादी कर ली। प्रियंका एम्सटर्डम के बैंक में आईटी प्रोफेशनल हैं। रैना कहते हैं शादी से स्थिरता और जिम्मेदारी दोनों ही आई हैं। सुरेश रैना हाल ही में पिता बने हैं। सुरेश रैना कहते हैं,'क्रिकेटरों की लाइफ के बारे में तो जानते ही हैं, लगता है काम बहुत ज्यादा है, टाइम बहुत कम है।'