यूपीएससी की परीक्षा को सभी परिक्षाओं से कठिन माना जाता है। इस परीक्षा में हर साल करीबन लाखों में उम्मीदवार बैठते हैं, लेकिन महज 800-900 ही उम्मीदवार ही अंतिम सूची में अपनी जगह बना पाते हैं। उनमें से भी कुछ उम्मीदवार ऐसे होते हैं जो अच्छी रैंक और आईएएस पद के लिए दोबारा से परीक्षा में बैठते हैं।
हालांकि, आज एक ऐसे उम्मीदवार की यहां बात की जा रही है जिनकी उड़ान आईएएस अफसर बनने के बाद शुरू हुई। ये कहानी है एडटेक प्लैटफॉर्म अनएकेडमी के सह-संस्थापक रोमन सैनी की है।
ये है रोमन सैनी की कहानी
अनएकेडमी के सह-संस्थापक रोमन सैनी ने महज 17 साल की उम्र में ही एम्स मेडिकल प्रवेश परीक्षा पास की थी। एम्स से डॉक्टर बनने के बाद उन्होंने एम्स के ही नेशनल ड्रग डिपेंडेंस ट्रीटमेंट सेंटर (एनडीडीटीसी) में काम शुरू किया। वहां करीबन छह महीने काम करने के बाद ही उन्होंने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू कर दी थी।
रोमन सैनी ने पहले ही प्रयास में 18वीं रैंक के साथ यूपीएससी सिविस परीक्षा पास की। महज 22 की उम्र में वह आईएएस अफसर बन गए। उन्होंने मध्य प्रदेश के जिला कलेक्टर के तौर पर भी काम किया।
अपने दोस्त के साथ मिलकर खोला अनएकेडमी
एजुकेशनल क्षेत्र में काम करने के लिए रोमन ने सहायक कलेक्टर के तौर पर भी काम किया था। करीबन एक साल बाद उन्होंने इस्तीफा देकर इंजीनियर से यूट्यूबर बने अपने दोस्त गौरव मुंजाल के साथ काम शुरू किया।
दोनों ने मिलकर ऑनलाइन एजुकेशनल प्लैटफॉर्म अनएकेडमी की स्थापना की। इस स्टार्टअप की शुरुआत छात्रों को कम पैसों में यूपीएससी की तैयारी के लिए खोला गया था। एक यूट्यूब चैनल के तौर पर शुरू हुई अनएकेडमी ने काफी कम समय में ही नाम कमा लिया। मौजूदा समय में दोनों 3.44 बिलियन डॉलर कंपनी के मालिक हैं।
आईएएस छोड़ बने अनएकेडमी के सह-संस्थापक
एक इंटरव्यू के दौरान रोमन सैनी ने बताया कि उन्होंने छह साल तक दिल्ली में रहकर एम्स की पढ़ाई की। उन्होंने बताया कि दिल्ली जैसे शहर में रहकर यूपीएससी की तैयारी करने में लाखों का खर्च आता है। आर्थिक कमजोर पृष्ठभूमि से आने वाला व्यक्ति इतना खर्च नहीं उठा सकता है।
रोमन ने कहा कि बिहार, राजस्थान जैसे राज्यों में रहने वाले बहुत सारे छात्र यूपीएससी की परीक्षा देना चाहते हैं, लेकिन उन्हें यह नहीं पता होता है कि इसकी तैयारी के लिए उन्हें क्या करना चाहिए। यही कारण था कि रोमन सैनी ने आईएएस की नौकरी छोड़कर अनएकेडमी के साथ काम करने का फैसला किया।