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पड़ोस की वह लड़की देश भर में छा गई

Sat, 03 Feb 2018 10:14 PM IST
पूजा विजय
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फाइल फोटो
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अक्सर हकलाने वाले लोग दूसरों से ज्यादा बातचीत करने से बचते हैं। जिन शब्दों को बोलने में उन्हें परेशानी होती है, वे उन्हें बोलना ही बंद कर देते हैं। सही ढंग से नहीं बोल पाने की वजह से उनमें आत्म-विश्वास कम होने लगता है। हीनभावना की वजह से वे कई बार समाज से दूरी भी बना लेते हैं। आैर जब बात किसी मंच पर परफॉर्मेंस देने की हो, तो यह सोचकर भी लोग घबराने लगते हैं।
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ऐसे में तमिलनाडु की पूजा विजय की कहानी, उन लोगों के लिए प्रेरणादायी है, जो अपनी किसी शारीरिक कमी की वजह से समाज का सामना नहीं कर पाते हैं। पूजा हकलाने की समस्या से ग्रस्त हैं, इसके बावजूद वे लोगों को हंसाने का काम करती हैं। पूजा के कमेडियन बनने की कहानी भी काफी दिलचस्प है। पहले वे कुछ साल बंगलुरू में रहीं, फिर इंजीनियरिंग की पढ़ाई के लिए दिल्ली आ गईं।

ढ़ाई पूरी करने के बाद पूजा केंद्र और राज्य सरकार के लिए बतौर सलाहकार काम करने लगीं। वह रिन्यूएबल एनर्जी, ग्रामीण बिजली जैसे मुद्दों से संबंधित पॉलिसीज तैयार करने में उनकी मदद करती हैं। वह अपने काम से बेहद खुश हैं, मगर अपने शौक को भी समय दे रही हैं। 
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हालांकि पूजा कहती हैं, ‘कॉमेडी से जुड़ाव महज इत्तफाक ही कहा जा सकता है और इसका श्रेय बंगलुरू स्थित पुराने ऑफिस के एक सहकर्मी को जाता है। उसने मुझे एक इवेंट में भाग लेने के लिए प्रेरित किया था। मैं उस कार्यक्रम को लेकर काफी असहज थी। फिर भी मैंने खुद को चैलेंज किया और नतीजा अच्छा ही रहा।
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मंच पर मेरा पहला प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। मुझे भी मजा आया और लोगों ने भी उसे पसंद किया। हालांकि, तब मैं अपने काम को लेकर ज्यादा गंभीर नहीं थी। मगर दिल्ली आकर मैं काफी अकेली पड़ गई थीं। तभी मैंने खुद को व्यस्त रखने के लिए कॉमेडी करना शुरू किया।

धीरे-धीरे मुझे इस काम में मजा आने लगा। कार्यक्रम के सिलसिले में अलग-अलग शहरों में जाने लगी। लोग हंसे, तो मेरा आत्मविश्वास भी बढ़ने लगा। स्कूल के दिनों में मेरी हालत काफी खराब थी, लेकिन स्पीच थेरेपी से काफी मदद मिली। मैंने अपनी इस कमी को स्वीकार किया और इसी के साथ जीना सीख लिया। अब यह मेरी पहचान बन चुकी है।’

खास बात
⦁     पूजा विजय पेशे से एनर्जी पॉलिसी एनालिस्ट हैं, मगर साथ में  स्टैंड-अप कॉमेडी भी करती हैं। 
⦁    अमेरिका की एक नॉन-प्रॉफिट संस्था ने पूजा को हकलाने की मुश्किल से निकलने में काफी मदद की, जिससे वह इस काबिल बन पाई हैं। 
⦁     पूजा ऐसे लोगों के लिए प्रेरणास्रोत हैं, जो हकलाने की समस्या से जूझ रहे हैं।
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