कुछ नया करने का जज्बा हो तो इंसान को लाख असफलताएं भी नहीं हरा सकती हैं। वो फिर से उठ खड़ा होता है और शुरू होती है फिर एक नई लड़ाई।
सोनी कंपनी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। सोनी कॉरपोरेशन की स्थापना एकीयो मोरिता और मसारू इबुका ने साल 1946 में की थी। लेकिन जब कंपनी की शुरुआत हुई थी तब कंपनी का रजिस्ट्रेशन TTK के नाम से हुआ था। TTK का मतलब 'टोक्यो टेलीकम्यूनिकेशन इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन'।
कंपनी की शुरुआत करने के लिए दोनों ने $500 डॉलर का कर्ज उठाया था। प्लान था कि आम आदमी के इस्तेमाल की चीजें तैयार करनी हैं। इस कड़ी में सबसे पहला प्रोडक्ट लॉन्च किया गया था एक कूकर, जिसे राइस कूकर कहा गया था। ये प्रोडक्ट बहुत सक्सेसफुल नहीं रहा। कंपनी ने कुल $6500 डॉलर का सामान बेचा लेकिन मुनाफा सिर्फ $300 का हुआ।
लेकिन दोनों ने हार नहीं मानी और कंपनी ने नए रिसर्च में पैसे लगाने शुरू किए। साल 1950 में एक टेप रिकॉर्डर मार्केट में लॉन्च किया गया। ये एक अमेरिकी मॉडल की कॉपी था। इस टेप रिकॉर्डर को इबुका ने जापान के सरकारी ब्रॉडकास्टिंग स्टेशन पर देखा था। शुरू में मार्केट में इस प्रोडक्ट की मांग बहुत नहीं थी लेकिन उन्होंने इसकी मार्केटिंग की योजना तैयार की।
टेप रिकॉर्डर के 'नौ हजार नौ सौ निन्यानवे इस्तेमाल'
सोनी
इसके लिए टेप रिकॉर्डर के 'नौ हजार नौ सौ निन्यानवे इस्तेमाल' की एक कॉपी तैयार कर लोगों में बांटा गया। लोगों को तब पता चला कि इस टेप रिकॉर्डर के इतने इस्तेमाल हैं तब लोगों ने इसे खरीदना शुरू किया। प्रोडक्ट मार्केट में सक्सेसफुल रहा। कॉर्पोरेट कंपनियों और मीडिया हाउसेस से खूब ऑर्डर मिले। यहां तक कि कंपनी को अपने प्रोडक्शन के हिसाब से बड़ी जगह शिफ्ट होना पड़ा।
साल1952 में उन्होंने ट्रांजिस्टर लॉन्च किया और TTK रेडियो का नाम बदल कर 'सोनी'(sony) कर दिया गया। सोनी नाम देने के पीछे की वजह ये थी कि सोनी 'सोनस' से बना था जो कि एक लैटिन शब्द है। सोनस का मतलब होता है साउंड या आवाज। साल 1995 में कंपनी ने सोनी रेडियो का मास प्रोडक्शन शुरू कर दिया। आम लोगों में इस प्रोडक्ट की धूम मच गई। कंपनी की बिक्री 1000% तक बढ़ गई।
सोनी नाम लोगों में बहुत मशहूर हो गया, इससे प्रभावित हो कर कंपनी के फाउंडर्स ने इसका नाम बदलकर सोनी कॉरपोरेशन कर देना तय किया। ये जनवरी 1958 की बात है। इसके बाद अगले 10 सालों तक कंपनी ने वीडियो टेप टेक्नोलॉजी के जरिए मार्केट पर राज किया। साल 1971 में उन्होंने पहला VCR लॉन्च किया जिसके लिए कंपनी को अपने खोज के लिए अवॉर्ड भी दिया गया।
सोनी का 'वॉकमैन'
सोनी
1979 में सोनी में एक बड़ा बदलाव आया। सोनी ने एक कॉम्पैक्ट टेप प्लेयर लॉन्च किया और मार्केट में धूम मच गई। इसे 'वॉकमैन' नाम दिया गया। वॉकमैन इतना मशहूर हुआ कि जब दूसरी कंपनियों ने इसे बनाना शुरू किया तो वो भी इसे वॉकमैन के नाम से ही बेचने लगे।
कंपनी लगातार नए रिसर्च पर काम करती रही। इतिहास दर्ज करने की तैयारी हो गई। साल1982 में सीडी प्लेयर लॉन्च हुआ। साल 1985 में वीडियो कैमरा लॉन्च हुआ जिसकी बिक्री नॉर्थ अमेरिका, यूरोप और जापान हर जगह हुई।
साल 1992 में कंपनी ने कुल $1.3 बिलियन डॉलर की रेवेन्यु जेनरेट की। आज कंपनी प्ले स्टेशन, स्मार्ट फोन, लैपटॉप, टीवी, वीडियो रिकॉर्डर हर एक प्रोडक्ट के साथ मार्केट में मौजूद है और अगले जेनरेशन की रिसर्च चल रही है।
आज की तारीख में सोनी की सालाना रेवेन्यु 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर को पार कर चुकी है। 500 अमेरिकी डॉलर से शुरू हुई कंपनी आज 70 बिलियन अमेरिकी डॉलर के सालाना बिजनेस को पार कर चुकी है। ये सब संभव हो सका इसके पीछे सिर्फ एक वजह थी, वो था 'इन्नोवेशन' यानि नई खोज।