फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Success Story: जानिए कौन हैं आईएएस स्वाति मीना नाइक, पहले ही प्रयास में क्रैक की यूपीएससी

Tue, 18 Jul 2023 02:22 PM IST
श्वेता महतो एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

स्वाति मीना नाइक साल 2008 की मध्य प्रदेश बैच की अधिकारी हैं। सीकर की रहने वाली स्वाति मीना ने साल 2007 में यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा पास की थी।
विज्ञापन
IAS Swati Meena Naik - फोटो : Social Media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भारत में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को सबसे कठिन परिक्षाओं में से एक माना जाता है। इस परीक्षा के लिए हर साल आठ से नौ लाख उम्मीदवार शामिल होते हैं, जिसमें से महज 800 ही अंतिम सूची में जगह बना पाते हैं। उनमें से कुछ ऐसे भी उम्मीदवार होते हैं तो तीन-चार प्रयास के बाद इस सूची में जगह बनाने में कामयाब हो पाते हैं, तो वहीं कुछ उम्मीदवार ऐसे भी होते हैं जो पहले ही प्रयास में इस परीक्षा को पास कर जाते हैं। पहले प्रयास में ही यूपीएससी की परीक्षा पास करने वालों में आईएएस स्वाति मीना नाइक भी है, जिन्होंने महज 22 वर्ष की उम्र में ही यूपीएससी की परीक्षा पास की थी।

विज्ञापन

कौन है स्वाति मीना नाइक
स्वाति मीना नाइक साल 2008 की मध्य प्रदेश बैच की अधिकारी हैं। सीकर की रहने वाली स्वाति मीना ने साल 2007 में यूपीएससी सिविल सेवा की परीक्षा पास की थी। अपने पहले ही प्रयास में उन्होंने अखिल भारतीय रैंक (एआईआर) 260 हासिल की थी। अपने बैच में भी वह सबसे कम उम्र वाली आईएएस अधिकारी थीं।

अजमेर से पूरी की थी स्कूली शिक्षा
आईएएस स्वाति मीना ने अपनी स्कूली शिक्षा अजमेर से पूरी की थी, इसके बाद उन्होंने अजमेर के ही सोफिया गर्ल्स कॉलेज से स्नातक की डिग्री हासिल की। केवल स्वाति ही नहीं उनकी छोटी बहन 2011 की आईएएफ अधिकारी हैं।
विज्ञापन

आरएएस अधिकारी हैं पिता 
आईएएस स्वाति मीना के पिता आरएएस (राजस्थान प्रशासनिक सेवा) अधिकारी हैं। उनकी मां डॉ. सरोज मीना एक पेट्रोल पंप चलाती थीं। एक इंटरव्यू के दौरान स्वाति ने बताया था कि उनकी मां उन्हें डॉक्टर बनाना चाहती थीं, लेकिन जब वह आठवीं कक्षा में थीं, तभी उनकी एक मौसी अफसर बन गईं। स्वाति ने अपनी मौसी को ही देखकर इस परीक्षा को देने का फैसला किया था। यूपीएससी की तैयारी में पिता ने उनकी बहुत मदद की थी। 

स्वाति पहले मध्य प्रदेश सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग में सचिव के तौर पर कार्यरत थीं, लेकिन हाल ही में उन्हें  केंद्र सरकार द्वारा पेयजल और स्वच्छता मंत्रालय के तहत पेयजल और स्वच्छता विभाग के निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें