गुजरात के अंजार में करीब तीन साल पहले एक बच्ची कचरे के ढेर में मिली थी। बच्ची के नवजात शरीर को कीड़े खा रहे थे और बच्ची की नाक को पूरी तरह खा गए थे। एक व्यक्ति ने बच्ची को ले जाकर अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उसे दुर्गा नाम दिया गया। जिसके बाद बच्ची मीडिया की सुर्खियों में आ गई। बच्ची को एक अमेरिकन दंपत्ती ने गोद ले लिया और उसकी लाइफ बदल गई।
दरअसल, बच्ची की मां ने ही उसे कचरे के ढेर में फेंक दिया था। जन्म के दो दिन बाद दुर्गा पर एक सफाईकर्मी की नजर पड़ी थी। वह तुरंत दुर्गा को अस्पताल ले आया था, जहां उसका इलाज शुरू हुआ। दुर्गा के इलाज के लिए गुजरात से कई बिजनेसमैन और संस्थाएं आगे आई थीं, लेकिन अस्पताल ने खुद ही दुर्गा का इलाज किया।
दुर्गा की हालत देखकर डॉक्टर भी चौंक गए थे। हॉस्पिटल में दुर्गा को करीब एक महीने रखा गया और पूरी तरह स्वस्थ हो जाने के बाद उसे भुज जिले के महिला कल्याण केंद्र के सुपुर्द कर दिया गया था।