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UPSC Civil Services Exam 2017: टॉपर बनने के लिए अनुदीप ने ऐसे की तैयारी

Sat, 28 Apr 2018 10:05 AM IST
बीबीसी हिंदी
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अनुदीप दुरीशेट्टी
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संघ लोक सेवा आयोग ने साल 2017 की परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए हैं। इस बार कुल 990 अभ्यर्थियों ने बाजी मारी है और हैदराबाद के अनुदीप दुरीशेट्टी ने परीक्षा टॉप की है।
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बिट्स पिलानी, राजस्थान से बी.ई. (इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इंस्ट्रूमेंटेशन) कर चुके अनुदीप का वैकल्पिक विषय ऐन्थ्रपॉलजी था। बीबीसी ने अनुदीप से खास बातचीत की। मैं बहुत खुश हूं और आगे जो जिम्मेदारी मेरा इंतजार कर रही है उससे वाकिफ हूं। रैंक से ज्यादा बड़ी वो जिम्मेदारी है जो मेरे आगे है। मैं अपने परिजनों, दोस्तों और अध्यापकों का शुक्रिया करता हूं जिन्होंने मेरा साथ दिया।

अनुदीप कहते हैं कि मैं आज यहां सिर्फ अपनी मेहनत के दम पर पहुंचा हूं। मेहनत का कोई विकल्प नहीं। वे बताते हैं, हम जो भी करें, चाहें परीक्षा दे रहे हों या कोई खेल खेल रहे हों, हमारा लक्ष्य हमेशा उत्कृष्टता हासिल करना होना चाहिए। मैंने यही अपने पिता से सीखा और परीक्षा की तैयारी में इसे लागू किया।
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अनुदीप को इतिहास पढ़ने का शौक है। वे अमरीका के राष्ट्रपति रहे महान नेता अब्राहम लिंकन के व्यक्तित्व से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अनुदीप कहते हैं अब्राहम लिंकन हमेशा से मेरी प्रेरणा का स्रोत रहे। वो एक महान नेता का उदाहरण हैं। बेहद मुश्किल हालातों में चुनौतियों का सामना करते हुए उन्होंने अपने देश का नेतृत्व किया। मैं हमेशा उनसे प्रेरणा लेता हूं।

अनुदीप दुरीशेट्टी
अपनी तैयारी के बारे में अनुदीप बताते हैं ये बेहद मुश्किल परीक्षा होती है क्योंकि बहुत से काबिल लोग इसके लिए तैयारी करते हैं। आज भी बहुत से काबिल लोगों का नाम चुने गए उम्मीदवारों की सूची में है। आप कितने घंटे पढ़ रहे हैं इससे ज्यादा महत्वपूर्ण ये है कि आप क्या पढ़ रहे हैं और कैसे पढ़ रहे हैं। 

अनुदीप 2013 में भी सिविल सेवा में चुने गए थे। तब उनका चयन भारतीय राजस्व सेवा के लिए हुआ था। अनुदीप कहते हैं, मैं हैदराबाद में असिस्टेंट कमिश्नर के पद पर तैनात हूं। नौकरी करते हुए मैं तैयारी कर रहा था। सप्ताहांत के अलावा मुझे जब भी समय मिलता मैं तैयारी करता। मेरा यही मानना है कि पढ़ाई की गुणवत्ता और एकाग्रता मायने रखती है।

हमें हमेशा सर्वश्रेष्ठ के लिए कोशिश करनी चाहिए। सिर्फ मेहनत और उत्कृष्टता के लिए प्रयास ही मायने रखता है। नतीजा अपने आप आ जाता है। अनुदीप को पढ़ने का शौक है और उन्हें फुटबाल में गहरी दिलचस्पी है। बचपन से ही वो फुटबॉल खेलते हैं और फुटबॉल के मैच देखते हैं।

अनुदीप कहते हैं फुटबॉल मेरे जीवन का हमेशा से अहम हिस्सा रही है। मैं खूब खेलता भी हूं और खूब देखता भी हूं। जब भी तनाव होता है तो इसे तनाव दूर करने के लिए भी इस्तेमाल करता हूं। इसके अलावा मुझे पढ़ने का बहुत शौक है। मैं फिक्शन (काल्पनिक कहानियां) ज्यादा नहीं पढ़ता बल्कि असल विषयों पर किताबें पढ़ता हूं। 

अनुदीप दुरिशेट्टी
अनुदीप कहते हैं मुझे जब भी खाली समय मिलता है मैं या तो खेलता हूं, या पढ़ता हूं। मुझे लगता है कि सभी को अपने शौक रखने चाहिए। ये न सिर्फ हमें तनाव से दूर रखते हैं बल्कि हमारे चरित्र का निर्माण भी करते हैं। मैं तो कहूंगा कि हमारे शौक ही हमें इंसान बनाते हैं। 

अनुदीप के परिवार के लिए ये सबसे बड़ी खुशी है। वे कहते हैं ये खबर सुनने के बाद मेरी मां की आंखों से आंसू बहने लगे, मेरे पिता तो अभी तक यकीन ही नहीं कर पाएं हैं। ये बेहद खुशी का पल है। मैं खुद अभी तक यकीन नहीं कर पा रहा हूं। ये मेरे लिए अविश्वसनीय पल हैं। मैं सबका शुक्रिया अदा करता हूं। 

अनुदीप का मानना है कि जो भी काम उन्हें दिया जाएगा वो करेंगे लेकिन वो चाहेंगे कि वो शिक्षा के क्षेत्र में काम कर पाएं। वे कहते हैं मुझे लगता है कि हमें शिक्षा के क्षेत्र में और आगे बढ़ने की जरूरत है। दुनिया के विकसित देश, उदाहरण के तौर पर स्कैन्डिनेवियन देशों में सबसे ज्यादा जोर शिक्षा पर ही है। मजबूत शिक्षा व्यवस्था ही उनके विकास की जड़ है। 
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अनुदीप दुरिशेट्टी
अगर हमें नया भारत बनाना है तो अपनी शिक्षा व्यवस्था को सुधारना होगा। हम इस दिशा में काम कर रहे हैं और आगे भी काम करने की जरूरत है। मैं अपने विकास की यात्रा में छोटी ही सही लेकिन कोई भूमिका निभाना चाहता हूं। 

अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पिता को देते हुए अनुदीप कहते हैं मेरे पिता मेरे रोल मॉडल है। वो तेलंगाना के एक दूरस्थ गरीब इलाके से आते हैं। अपनी मेहनत के दम पर वे आगे बढ़े और मुझे बेहतर शिक्षा मिल सकी। उन्होंने हमेशा मेरा सहयोग किया है। वे अपने काम में बेहद मेहनत करते हैं और ऊंचे स्टैंडर्ड का पालन करते हैं। मैंने अपने जीवन में हमेशा उन जैसा बनना चाहा है।

अनुदीप के मुताबिक, हमारे प्रेरणास्रोत हमारे इर्द-गिर्द ही होते हैं बस हमें उन्हें पहचानने की जरूरत है। 
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