कोटा के एक कोचिंग संस्थान में पिछले दो साल से क्लासरूम स्टूडेंट रहे जतिन सहारण ने नीट यूजी परीक्षा में 710 अंक प्राप्त कर आल इंडिया 43वीं रैंक प्राप्त की है। जतिन ने बताया कि मैं रोजाना करीब 8 घंटे सेल्फ स्टडी करता हूं। इस दौरान जब लगता है कि ज्यादा समय हो गया तो किताब छोड़ देता था तो यू-ट्यूब पर वीडियो देखने लगता था, लेकिन ये वीडियो भी सब्जेक्ट के ही होते थे। कभी-कभी बॉल से खेल लेता था।
दादा का सपना पूरा
पापा मुझे इंस्पायर करते हैं। उनका मेरे ऊपर विश्वास ही मुझे और अधिक पढ़ने के लिए प्रेरित करता है। दादा जी चाहते थे कि पापा डॉक्टर बनें, वे एडवोकेट बने तो अब पापा ने मुझे दादा जी का सपना पूरे करने की बात कही। यह सपना सच हो रहा है तो अच्छा भी लग रहा है।
क्रिकेटर एमएस धोनी पसंद
क्रिकेटर एमएस धोनी पसंद हैं। कूल रहते हुए सिचुएशन को मैनेज करते हैं। मैने भी यही सीखा है कि किसी भी परिस्थिति में घबराना नहीं चाहिए। मेरी नजर में नियमितता ही सफलता है। किसी भी कार्य को करने या सफलता प्राप्त करने के लिए नियमित पढ़ाई करना जरूरी है।
टीचर ने मारा था ताना
एक और परिस्थिति ने मुझे अधिक पढ़ने के लिए प्रेरित किया। 12वीं बोर्ड में प्रेक्टिकल एग्जाम्स चल रहे थे, इसी दौरान एक सवाल को सॉल्व करने में मुझे टाइम लग गया तो टीचर ने टोक दिया, ताना मारा कि ऐसे कैसे नीट क्रेक होगी। इसके बाद मैंने फिजिक्स में और अधिक मेहनत की। अभी एम्स दिल्ली से एमबीबीएस करना चाहता हूं।