फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

24 साल की इस लड़की के बनाए ऐप ने बदल दी विकलांगों की जिंदगी

Sun, 24 Apr 2016 05:49 AM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
एक लड़की जो तीन साल पहले तक कॉलेज से पढ़ाई कर के निकली थी और अपने लिए एक अच्छी नौकरी तलाश रही थी। दोस्तों की नौकरी लगते देख, अच्छे- अच्छे सैलरी पैकेज पाते देख वो भी सोचती थी कि उसका भविष्य क्या है।
विज्ञापन


लेकिन तीन साल के अंदर ही वो लड़की अब दूसरों का भविष्य बना रही है। उसने तब ही सोच लिया था कि दूसरों की तरह वो जो सामने पड़ेगा, उसे नहीं हथियाएगी बल्कि खुद अपना रास्ता बनाएगी।

ये हैं 24 साल की कल्याणी खोना जिन्होंने  एक ऐसी ऐप बनाई है जो विकलांगों को अपना प्यार ढूंढने में मदद करती है। अजीब बीमारियों से ग्रसित लोगों को भी प्यार करने और अपने लिए साथी ढूंढने का हक देती है ये मैचमेकिंग ऐप जिसका नाम है 'इंकलव'।
विज्ञापन

स्काइप पर करवाती थी लोगों की मुलाकात

- फोटो : inclove.com
कल्याणी कहती हैं कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था वे खुद का बिजनेस करेंगी। वो तो कॉलेज के बाद ब्राजील घूमने चली गई थीं और तीन महीनों बाद तभी लौटीं जब उनका सारा पैसा खत्म हो गया था। कल्याणी बताती हैं कि खुद का बिजनेस शुरू करने का आईडिया अचानक ही आया और 23 साल की उम्र में ही उन्होंने ये स्टार्टअप शुरू कर दिया।

पहले तो कल्याणी खुद ही अलग अलग शहरों के 100 लोगों की प्रोफाइल चुनती थीं और आपस में उनकी स्काइप कॉल के जरिए मुलाकात कराती थीं ताकि वे समझ सकें कि वे एक दूसरे के लिए बतौर पार्टनर कितने सही हैं। परिवारों को भी शादी के लिए मिलवाती थीं। इसके लिए वे मामूली फीस ही लेती थीं।
विज्ञापन

अब ऐप से होती है लोगों की आपस में मुलाकात

लेकिन कल्याणी को ये अहसास होने लगा कि इस तरह ऑफलाइन मैचमेकिंग करना आसान नहीं होगा क्योंकि उन्हें एक बार में 150 बायोडाटा और प्रोफाइल तक संभालनी पड़ती थीं। तब उन्होंने फैसला किया कि वे मोबाइल ऐप लॉन्च करेंगी।

इस ऐप को शुरू करने में उनके कस्टमरों ने ज्यादा मदद की। उन्होंने कल्याणी को बताया कि कैसे वो दूसरी ऐप्स इस्तेमाल करते हैं। इससे कल्याणी को समझने में आसानी हुई कि वे अपनी ऐप में क्या करें। कल्याणी ने ये ऐप इसी साल जनवरी में शुरू की।

वो कहती हैं ये स्टार्टअप शुरू करना उनका सबसे अच्छा फैसला था। इससे न सिर्फ वे मुसीबात की जड़ तक पहुंच पाईं बल्कि वो लोगों को अपने लिए पार्टनर ढूंढने के लिए प्रेरित भी कर पाईं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें