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लक्ष्य बनाएं फिर सबकुछ भुलाकर उसे पाने में लग जाएं..सफलता चूमेगी कदम

Mon, 30 Apr 2018 06:52 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
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‘लक्ष्य चाहे कितना भी बड़ा हो, मेहनत और लगन से उसे पाया जा सकता है। पहले प्रयास में सफलता न मिले तो हारकर बैठें नहीं बल्कि दोगुने जोश से तैयारी करें। कामयाबी निश्चित रूप से आपके कदम चूमेगी।’ युवाओं के लिए ये टिप्स यूपीएससी की सिविल सेवा परीक्षा में चंडीगढ़ का नाम रोशन करने वाले चार होनहारों ने दिए।

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परीक्षा में ऑल इंडिया लेवल पर 34वीं रैंक पाने वाले गौरव कुमार, 108वीं रैंक पाने वाली मेघा अरोड़ा, 164वीं रैंक पाने वाले अधिराज सिंह राणा और 261वीं रैंक पाने वाले अनिकेत दुग्गल रविवार को अमर उजाला कार्यालय में संवाद के लिए आए। चारों ने इस परीक्षा को पास करने में की गई मेहनत, जिंदगी के कुछ अनछुए पहलु और अपनी सोच के बारे में तो बताया ही साथ ही उन युवाओं के लिए भी सुझाव दिए, जो अपना भविष्य सिविल सर्विसेज में तलाश रहे हैं। सफलता का एक ही मंत्र इन्होंने बताया ‘डर से नहीं, धैर्य और मेहनत से कोई भी परीक्षा पास की सकती है’।

विषम परिस्थितियों में काम करके हालात बदलना चाहता हूं: गौरव कुमार
मैंने लगातार हार के बाद चौथी दफा में यह परीक्षा पास कर 34 वां रैंक पाया। मैं अधिकारी बनकर आराम की जिंदगी जीने की सोच नहीं रखता। बल्कि मैं विषम हालात में काम करके हालात बदलना चाहता हूं। मुझे कृषि और ग्रामीण उत्थान के लिए काम करना है। इस परीक्षा के बारे में बात करें तो कम समय में बहुत कुछ करना पड़ता है। आपके प्रेरणा स्रोत वे लोग होने चाहिएं, जो इंटरव्यू देकर भी सर्विस में नहीं आ पाते। इस समय देश में मसला महिला सुरक्षा का है, जिसके बारे इतना कहूंगा कि पुरुषों की सोच बदलने की जरूरत है, जो खुद के परिवार से बदलती है।
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मन पर निराशा को हावी न होने दें: मेघा अरोड़ा

पहले दो प्रयास में जब मुझे सफलता नहीं मिली तो निराशा हुई, लेकिन उसे खुद पर हावी नहीं होने दिया। पहले जो गलतियां हुई, उनकी पहचान कर फिर परीक्षा दी और गलतियां नहीं दोहराईं। एक बात तय है कि जबरदस्त मेहनत और जबरदस्त किस्मत से परीक्षा पास होती है। मुझे विदेशी मसलों में रूचि है और इस क्षेत्र में जो कुछ कर पाई तो सपना पूरा होने जैसा होगा। देश में महिला सुरक्षा की हर तरफ से आवाजें आ रही हैं, लेकिन हर क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी बढ़ाने का क्या? महिलाओं की फोर्स जब हर क्षेत्र में होगी, तो हालात खुद ही बदल जाएंगे।

फेल होकर बैठने से अच्छा है मेहनत करें: अधिराज सिंह
अधिराज सिंह राणा- तीसरे प्रयास में परीक्षा पास करने का जो सुखद अनुभव होता है, वह पिछली दो असफलताओं को भुला देता है। मुझे तीसरे प्रयास में सफलता मिली, लेकिन ऐसा नहीं कि एक बार फेल होकर छोड़ दिया। आप पूरी कोशिश किए बगैर अगर छोड़ते हैं, तो यह गलत है।मेरी रूचि आईएफएस में आकर विदेशी मसलों पर कार्य करने की है। हालांकि पता नहीं क्या होगा, लेकिन जो भी होगा उस क्षेत्र में ज्यादा मेहनत से काम करना है। अगर महिला सुरक्षा के मसले पर कुछ कहना हो इतना ही है कि बदलाव लाने की जरूरत है। सुरक्षा के सिस्टम में जो तंत्र लगा है, उसेे आधुनिक किया जाना चाहिए।

शिक्षा और स्वास्थ्य में काम करने की इच्छा: अनिकेत दुग्गल
 मुझे 261वीं रैंक मिली, मेरे भाई उत्कर्ष को 17वीं, जो पहले से ही आईपीएएस ऑफिसर हैं। यह इसलिए बताना जरूरी है कि जो परीक्षा पास करने वाले टॉपर होते हैं, उनकी कहानियों से ऊर्जा आती है। इस परीक्षा को पास करने के लिए जो ऊर्जा चाहिए, उसके लिए मैंने इसी माध्यम का इस्तेमाल किया। मुझे नहीं पता की कौनसी सर्विस मुझे अलॉट होगी, लेकिन मैं शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जरूर काम करना चाहूंगा। क्योंकि यह हमारे देश की मूल जरूरत है। बात अगर महिला सुरक्षा की करें, तो इतना तय है कि अगर हमने अभी इस पर ध्यान नहीं दिया, अपनी सोच नहीं बदली तो हम अपने भविष्य की पीढ़ी के लिए नैतिक मूल्यों को बचा नहीं पाएंगे।
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सिविल सर्विस परीक्षा पास करने के 10 टिप्स

1. प्लानिंग- यह सबसे महत्वपूर्ण है। योजना बनाकर पढ़ने से उलझते नहीं है।
2. धैर्य- यह ऐसी परीक्षा है, जो धैर्य रखकर ही पास की जा सकती है। एक हार के बाद धैर्य नहीं छोड़ना।
3. ग्रुप स्टडी- सिविल सर्विस की परीक्षा को पास करने में ग्रुप स्टडी बहुत काम आती है। लाइब्रेरी में जाकर साथी मिल जाते हैं।
4. रिविजन- जो एक बार पढ़ लिया, उसे यह समझ लें की सब कुछ समझ आ गया। रिविजन करने से कुछ प्वाइंट्स सामने आते हैं।
5. लिस्ट ऑफ सोर्स- आप सब कुछ हर किताब से नहीं पढ़ सकते। एक सूची बनाएं कि आपको पढ़ना क्या है।
6. पुराने पेपर- सिविल सर्विस परीक्षा के पुराने पेपर काफी काम आते हैं। इससे यह पता चल जाता है कि किस प्रकार के प्रश्न आते हैैं।
7. लिखने की कला- प्रश्नों के उत्तर लिखने की कला आनी चाहिए। बार-बार लिखने से यह प्रेक्टिस होती है। इससे वाइब्रेशन आती हैं।
8. अगले की तैयारी- एक बार परीक्षा देकर यह सोचें की पास हो गए। रिजल्ट आने से पहले अगली बार फिर से पेपर देने की तैयारी शुरू करें।
9. सेल्फ टेस्टिंग- खुद को परखने के लिए अपनी परीक्षा लें। आप कितनी मेहनत करते हैं, यह आपको ही पता है।
10. जैसे हैं वैसे रहें- इंटरव्यू के वक्त बनावटी बनने के बजाय जैसे हैं वैसे रहें।
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