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पिता करते थे खेती, अपनी प्रतिभा से इस इंजीनियर ने किया उत्तराखंड का नाम रोशन

Fri, 30 Jun 2017 02:35 PM IST
amarujala.com- presented by- पूर्णिमा आचार्य
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जगमोहन सिंह रावत
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उत्तराखंड के इस इंजीनियर ने अपनी मेहनत के बलबूते पर छोटी  उम्र में ही बड़ा मुकाम हासिल किया है। हम बात  कर रहे  है ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के 2010 से 2014 बैच के इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन के स्टूडेंट रह चुके जगमोहन सिंह रावत की | जगमोहन सिंह रावत  टाटा ग्रुप की बड़ी कंपनी , नेटवर्क सर्विसेज- टाटा टेली सर्विसेज लिमिटेड, हैदराबाद में बतौर असिस्टेंट मैनेजर कार्यरत है | जगमोहन सिंह रावत ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के बी टेक के छात्र रह चुके हैं। कॉलेज में ही अपनी प्रतिभा के चलते उन्हें टाटा की एक नामी कंपनी में प्लेसमेंट मिल गया और इसके बाद वो अपने करियर में आगे बढ़ते गए। जगमोहन अपनी तरक्की का श्रेय अपने माता पिताऔर गुरु को देते है | आइए पेश  है उनकी बातचीत से जुड़े कुछ अंश:
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1)इंजीनियर बनने की प्रेरणा कहां से मिली?
इंजीनियर बनने की प्रेरणा मैं  कह सकता हूं , मेरे माता पिता और  मेरे टीचर्स का  मुझपे  भरोसा  और मेरी  खुद की लगन और मेहनत का परिणाम है| मैं  उत्तराखंड के अल्मोड़ा  का रहने वाला हूं | घर पे मेरे पिता, मेरी मां और बहन खेती करके बहुत मुश्किल से दिन प्रतिदिन की जीविका चला लेते थे | मेरे माता पिता हमेशा से ये चाहते थे कि उनके  बच्चे उनसे बेहतर करें, ज़िन्दगी में उनसे कहीं ज्यादा आगे बढें। उन्होंने हमेशा प्रोत्साहित किया कि हमें  अच्छे से अच्छी शिक्षा मिलेगी और हमें  उसका अच्छा रिजल्ट देना है | मेरी स्कूलिंग 1st से 12th तक दिल्ली से हुई है|  बचपन से  मेरी रुचि टेली कम्युनिकेशन में थी, क्योंकि उस समय मेरे गांव में टेलीफोन नहीं था जो कि सबसे बेसिक ज़रूरत हुआ करती थी| मैं  कुछ करना चाहता था और कुछ करने के लिए सिर्फ सोचने मात्र से काम नहीं चलता इसलिए मैंने बारहवीं के बाद ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से इलेक्ट्रॉनिक एंड कम्युनिकेशन से बी टेक  किया ताकि मैं अपना सपना पूरा कर सकूं।

2) 11वीं और 12वीं की पढ़ाई आपने बहुत ही कठिनाइयों और संघर्षों का सामने करते हुए की है, उसके बाद आपने ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया, यूनिवर्सिटी में बिताए गोल्डन पीरियड के बारे में कुछ बताइए?
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ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी में मैंने 4 साल बिताए हैं और वो सभी पल यादगार है| मेरे लिए कोई एक पल भी ऐसा नहीं है जिसे मैंने एन्जॉय नहीं किया क्योंकि वहां मैंने बहुत कुछ अच्छा  सीखा है जिसे मैंने अपने ज़िन्दगी में शमिल भी किया है और उसका मुझे लाभ भी मिला है| यूनिवर्सिटी में हमें  प्रोफेसर सर का, जो मोटिवेशनल स्पीच सुनते थे , कॉलेज सेमिनार  हुआ करता था, उन सब से बहुत कुछ जानने समझने को मिला। साथ ही कॉलेज के लेक्चर करियर मे काफी हेल्पफुल रहे, कॉलेज में  फैकल्टी और बच्चों के बीच ट्रांसपेरेंट रिलेशन था| छात्रों की किसी भी समस्या को प्रोफेसर सर हमेशा सुनते और सुलझाते थे। कॉलेज में लैब्स और प्रैक्टिकल्स बहुत होते थे जिससे बच्चे थ्योरेटिकल चीज़ भी आसानी से सीख और समझ जाते  हैं। ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी का  वातावरण  बहुत ही सरल और सुलाझा हुआ है। शायद इन्हीं वजहों से मैं इतना कुछ सीख सका और आज यहां इस मुकाम पर पहुंचा सका हूं|
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ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से 2014 में कॉलेज प्लेसमेंट

जगमोहन सिंह रावत
3)आप अपनी सफलता का श्रेय किसे देते है? आपके माता, पिता की क्या प्रतिक्रिया थी जब उन्हें पता चला आपका इतना बेहतरीन प्लेसमेंट हुआ है?
अगर श्रेय की बात की जाए तो मेरा जन्म देव भूमि उत्तराखंड में हुआ है, ये मेरे लिए बहुत बड़ी बात है, इसलिए मैं भगवान और  माता पिता को श्रेय देता हूं जिनकी वजह से आज यहां पहुंचा| मेरी इन उपलब्धियों से मेरे माता पिता बहुत ज्यादा खुश थे और वो चाहते हैं कि में आगे देश और अपने राज्य उत्तराखंड का नाम रोशन करूं। माता पिता के साथ साथ मैं अपने शिक्षकों और गुरु लोगों को भी नमन करता हूं।

4)आपके बारे में कहा जाता है कि आप एक बहुमुखी इंजीनियर हैं, टाटा ग्रुप देश का बड़ा ग्रुप है और वहां काम करते हुए आपने टाटा ग्रुप के बड़े बड़े अधिकारियों से बातचीत की है, कैसा लगता है इतने बड़े अधिकारियों से बात करके?
ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी से मेरा 2014 में कॉलेज  प्लेसमेंट हुआ , उसके बाद मैंने सिर्फ और सिर्फ अपने करियर में  ग्रोथ एंड  लर्निंग  को महत्व दिया| उसके बाद मैंने डेढ़ साल काम करके दूसरी कंपनी ज्वाइन की जो गुरुग्राम में थी। वहां मैं असिस्टेंट इंजीनियर के पोस्ट पर था| वहां  मैंने भारती ऐयरटेल के एक प्रोजेक्ट पर  काम किया और मेरे मन में और आगे बढ़ने और सीखने की इच्छा बढ़ी। फिर मैंने हैदराबाद में नेटवर्क सर्विसेज- टाटा टेली सर्विसेज लिमिटेड ज्वाइन किया। यहां आ कर मैंने काम करना शुरू किया| काम को समझना अच्छा लगता है, जब आपको बड़े लोग समझाते हैं कैसे काम करना है और खासकर जब आप सीखना चाहते हो तब और भी खुशी होती है | मैं इतनी बड़ी कंपनी से जुड़ा हुआ हूं और काम कर रहा हूं, गर्व महसूस होता है|

5) आखिरी सवाल, आप यंग और उभरते हुए इंजीनियर हैं जो ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी के हैं। आप ऐसे छात्रों को, जो इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहे हैं, कुछ कहना चाहेंगे?
कोई भी इंजीनियर हो, एक साल एक्सपीरियंस हो या फ्रेशर हो, किसी भी स्ट्रीम का हो सब के लिए सिर्फ इतना ही कहूंगा अपने करियर को ले कर फोकस्ड रहो। अपने सपनों के पीछे भागो, पढ़ाई में अधिक समय लगाएं और सिर्फ चैटिंग के लिए फेसबुक, इंस्टाग्राम पर समय ना बर्बाद करें। सोशल मीडिया का उपयोग सामजिक चेतना के लिए करें, टाइम पास के लिए नहीं। भविष्य के लिए ऑल द बेस्ट।
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