परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी लगें, कक्ष निरीक्षकों को बोर्ड परिचय पत्र दे, और न जाने क्या-क्या। यूपी माध्यमिक शिक्षा परिषद की परीक्षा नकल विहीन कराने के लिए महीनों से उपायों पर मंथन चल रहा है। वहीं आगरा के श्री रामकृष्ण इंटर कालेज ने इसका अनूठा हल खोज निकाला है। छात्र-छात्राओं को प्रेरणा और उन पर भरोसा वह फार्मूला है जिससे इन दिनों यहां कक्षा नौ से 12 तक के विद्यार्थियों की अर्द्धवार्षिक परीक्षा कराई जा रही है। अब तक परिणाम संतोषजनक रहा है।
दरअसल यह इस बात की नजीर भी है कि शिक्षक चाहें तो विद्यार्थियों को किस हद तक किसी भूमिका के लिए तैयार कर सकते हैं। हुआ यूं कि विद्यालय प्रशासन ने नकलमुक्त परीक्षा के लिए कक्ष निरीक्षण खत्म कर इसे सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराने की सोची।
जब विद्यार्थियों से बात की गई तो उन्होंने जो कहा, वह इस विचार का उन्नत विस्तार था। वे बोले कि परीक्षा ऐसे कक्ष में कराई जाए जिसमें कैमरे न हों, उनका संकल्प है कि वे न खुद नकल करेंगे न किसी को करने देंगे। विद्यालय ने भरोसा करने का साहस दिखाया।
फिर शुरू हुई तैयारी। कुछ संजीदा बच्चों को मोटिवेट किया गया। जो चंचल थे उनकी काउंसलिंग की गई। सोमवार को बिना निरीक्षक, बिना कैमरे वाले तीन कक्ष में परीक्षा कराई गई। जब बाकी छात्र-छात्राओं ने भी खुद को साबित करने का मौका मांगा तो सभी कक्ष में यही व्यवस्था लागू कर दी गई।
मंगलवार और बुधवार को आठ कमरों में परीक्षा हुई। हाल यह है कि विद्यार्थी खुद ही क्रम से कापी-पर्चे उठाते और जमा करते हैं। ए, बी, सी कापी भी खुद लेते हैं। बुधवार को अमर उजाला की टीम विद्यालय पहुंची तो किसी भी कक्ष में निरीक्षक तो नहीं था लेकिन अनुशासन पूरा था।