आर्थिक दिक्कतों के बावजूद पढ़ाई में अव्वल व्योम गुप्ता एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग बनकर अपने कामयाबी की बुलंदियों को छूना चाहता है। बकौल व्योम परीक्षा की तैयारी के दिनों में उन्होंने आठ से नौ घंटे प्रतिदिन पढ़ाई की। खाली समय में उन्हें कंप्यूटर गेम खेलने का शौक है। पिता संजय गुप्ता ने अपने बेटे की कामयाबी को उसकी मेहनत का परिणाम बताया।
सौरभ ने बिना ट्यूशन हासिल की कामयाबी
आईसीएसई 10वीं की परीक्षा में नगर में शीर्ष पर रहे ओमकारानंद सरस्वती निलायम के छात्र सौरभ रणाकोटी ने बिना ट्यूशन के ही सफलता हासिल की। बकौल सौरभ पढ़ाई में उन्हें बहन ने हमेशा सहयोग किया। पिता मोहनलाल रणाकोटी रीता इंटर कॉलेज गढ़ी श्यामपुर में शिक्षक हैं। वह आगे एमबीबीएस की पढ़ाई के बाद बतौर डॉक्टर समाज की सेवा करना चाहता है। वह प्रतिदिन करीब चार-पांच घंटे पढ़ाई करता रहा है। सौरभ ने अपनी कामयाबी का श्रेय क्लास टीचर दिव्या मैम के अलावा माता, पिता और बहन को दिया।