मैं मूलतः महाराष्ट्र के ठाणे से हूं। वाणिज्य की पढ़ाई करने के बाद मैंने काफी वक्त तक चार्टर्ड एकांउटेंट के तौर पर काम किया। लेकिन उस काम में मेरा मन नहीं लग रहा था, इसलिए मैंने वह नौकरी छोड़ दी। उसके बाद दो-तीन स्टार्टअप के बारे में भी सोचा, लेकिन मैं विफल रहा। एक दौर ऐसा भी आया कि विफलताओं के कारण मैं कई दिनों तक अवसाद में रहा। फिल्म देखने के लिए पैसे न होने की घटना उसी वक्त की है। किताबें पढ़ने का शौक मुझे शुरू से ही है।
बचपन में मुझे जन्मदिन पर किताबें उपहार स्वरूप मिलती थीं। मेरी जिंदगी में कई ऐसे मौके आए, जब किताबों ने ही मुझे सहारा दिया। उस दिन मेरे दोस्तों का वह अनुरोध मेरे दिमाग में एक बिल्कुल नया विचार बो गया। किताबों का सारांश व्हाट्सएप पर भेजने की बात मुझे इस कदर अच्छी लगी कि मैंने सोचा कि क्यों न मैं इसी तरीके से उन सभी लोगों को अपनी पढ़ी किताबों का सार पहुंचाऊं, जो किताब पढ़ना तो चाहते हैं, पर उनके पास वक्त नहीं है। शुरू में मैंने अपने पंद्रह दोस्तों को किताब का सार भेजा।
लोगों की अच्छी प्रतिक्रियाएं आईं, तो मेरी हिम्मत बढ़ी। मैंने आईटी क्षेत्र से जुड़े अपने एक मित्र से बात की, जिसने मेरे लिए बुकलेट नाम से मोबाइल ऐप बना दिया। ऐप एक ऐसा जरिया हो सकता था, जिसकी मदद से मैं एक बार में कई लोगों तक एक साथ पहुंच सकता था। हुआ भी ऐसा। बहुत जल्द ही इस ऐप पर किताबों का सार सुनने वालों की संख्या लाखों में पहुंच गई।
मैं खुद अपनी आवाज में किताब का सारांश रिकॉर्ड करता हूं और उसे ऐप पर पोस्ट करता हूं। एक रात मुझे एक लड़की का फोन आया। उसने मेरे काम की सराहना की और मुझे बताया कि वह मेरी हर किताब के सारांश को सुनती है। मैंने उससे कहा कि सुनने के साथ-साथ पढ़ा भी करो। इसके बाद जो उसने कहा, वह सुनकर मैं दंग रह गया। उसने मुझे बताया कि वह अंधी है और इस मुहिम ने उसके जैसे लाखों लोगों को एक नई उम्मीद दी है।
उस कॉल से प्रेरणा लेकर मैंने दृष्टिहीन लोगों के लिए ऐप में कई परिवर्तन किए, जिससे उनको सहूलियत हो सके। अब मेरा मकसद क्षेत्रीय भाषाओं में किताबें उपलब्ध कराना है। एपीजे अब्दुल कलाम की सभी पुस्तकों ने मुझे हमेशा प्रेरित किया। जल्द ही मैं बच्चों के लिए 'बुकलेट हिंदी' और 'ग्रैंडमां बुकलेट' के साथ आने वाला हूं। मेरा सपना है कि भारत में सामाजिक उद्यमी का नया मॉडल पेश करूं, जिसका प्राथमिक उद्देश्य समाज को नई ऊंचाइयों पर पहुंचाना है।