नीट और जेईई परीक्षाओं को लेकर जमकर बवाल हो रहा है। इन परीक्षाओं के आयोजन को लेकर सरकार साफ कर चुकी है कि परीक्षआओं के तारीख में कोई बदलाव नहीं होगा। उच्चतम न्यायालय ने भी स्पष्ट कर दिया है कि ये प्रवेश परीक्षाएं तय शेड्यूल पर ही होंगी। वहीं, अब इन परीक्षाओं के आयोजन को स्थगित करने के लिए अभ्यर्थियों ने देश के मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े को खत लिखा है।
78 कानून छात्रों सहित 122 छात्रों ने भारत के मुख्य न्यायाधीश एसए बोबडे और न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा को एक खुला पत्र लिखा है। जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 17 अगस्त के आदेश की समीक्षा करने का अनुरोध किया गया है। इसी आदेश के तहत कोर्ट ने NEET- JEE परीक्षा को स्थगित करने वाली याचिका को खारिज कर दिया था। वहीं, 17 वर्षीय जेईई परीक्षार्थी ने भी मुख्य न्यायाधीश एस ए बोबड़े को खत लिया है और परीक्षा में होने वाली समस्याओं से अवगत करवाया है। यह पत्र सुप्रीम कोर्ट के वकील अलख आलोक श्रीवास्तव ने सीजेआई के सम्मुख पेश किया है।
इसे भी पढ़ें-IGNOU Admission 2020: री -रजिस्ट्रेशन की आखिरी तारीख आज, ऐसे करें आवेदन
छात्र ने खत में लिखा है कि इन परीक्षाओं को एक या दो महीने तक स्थगित करने से राज्यों को परीक्षाओं की तैयारी का समय मिल जाएगा। गौरतलब है कि जेईई की परीक्षा एक सितंबर से लेकर छह सितंबर के बीच होगी। जबकि, नीट की परीक्षा 13 सितंबर को आयोजित होगी। इस खत में कई बिंदुओं का जिक्र किया गया है जिनमें छात्रों को परीक्षा केंद्र में 5-6 घंटे तक मास्क पहनकर बैठने से दिमाग में ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होना भी शामिल है।