अंतिम परिणाम में नहीं जुड़ेंगे तीसरी भाषा के अंक
अब तीसरी भाषा के अंक अंतिम परिणाम में नहीं जोड़े जाएंगे। इसके बजाय छात्रों को ए, बी, सी या डी जैसे ग्रेड दिए जाएंगे। यह नियम हिंदी, संस्कृत, तुलु, मराठी और अरबी सहित सभी तीसरी भाषाओं पर लागू होगा। इस संबंध में जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी किया जाएगा।
छात्रों के लिए शुरू होगा मॉरल साइंस विषय
मंत्री ने यह भी घोषणा की कि मौजूदा शैक्षणिक सत्र से छात्रों के लिए मॉरल साइंस विषय शुरू किया जाएगा। इसके लिए सरकार की ओर से मुफ्त पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों में नैतिक मूल्यों का विकास करना और उन्हें जिम्मेदार नागरिक बनाना है।
16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया प्रतिबंध का प्रस्ताव
मंत्री ने बताया कि 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव भी विधानसभा में चर्चा के लिए रखा गया, जिसे व्यापक समर्थन मिला।
उन्होंने कहा कि यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि अभिभावकों को भी अपने बच्चों के मोबाइल उपयोग पर नजर रखनी चाहिए और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों को नियंत्रित करना चाहिए।
परीक्षा प्रणाली में बदलाव और सरकार का लक्ष्य
सरकार ने परीक्षा के दबाव को कम करने के लिए साल में तीन बार परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था लागू की है। इस प्रणाली में छात्रों को अपने सर्वश्रेष्ठ अंक को बनाए रखने का अवसर मिलेगा।
मंत्री ने दोहराया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य सरकारी स्कूलों को मजबूत करना, पारदर्शिता बनाए रखना और छात्रों को परीक्षा के तनाव से राहत देना है। इन सुधारों के जरिए शिक्षा प्रणाली को अधिक छात्र-हितैषी बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है।