एसएससी ने दिल्ली पुलिस और सेंट्रल आर्ड पुलिस फोर्सेज (एसएससी सीपीओ) में सब-इंस्पेक्टरों की भर्ती के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। एसएससी सीपीओ परीक्षा को लेकर अधिकांश अभ्यर्थी इस भ्रम में रहते हैं कि पेपर-1 में उच्चतम अंक लाना ही अंतिम चयन की गारंटी है। हालांकि अंतिम चयन और मनचाही पोस्टिंग पूरी तरह से पेपर-2 और मेडिकल फिटनेस पर निर्भर करती है। इसलिए, जरूरी है कि छात्र तैयारी के पहले दिन से ही अपनी ऊर्जा का अधिकतम हिस्सा पेपर-2 में लगाएं। पेपर-1 में आवश्यक कट-ऑफ से 15-20 अंक ऊपर रहने का लक्ष्य रखें।
अधिकांश अभ्यर्थी तैयारी की शुरुआत सिलेबस देखकर करते हैं, जबकि बेहतर तैयारी का पहला कदम पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों को देखना होता है, ताकि आप परीक्षा की मांग को समझ सकें। पिछले प्रश्नपत्रों से पता चलता है कि किस अध्याय से किस प्रकार के प्रश्न पूछे जाते हैं, प्रश्नों की कठिनाई किस स्तर की रहती है और कौन-से टॉपिक बार-बार अलग रूप में सामने आते हैं।
अभ्यर्थी को अपने लिए दो सूचियां बनानी चाहिए। पहली-स्कोरिंग जोन, यानी वे टॉपिक, जिनसे प्रश्न जल्दी और सटीक हल होते हैं। दूसरी टाइम ट्रैप, यानी ऐसे टॉपिक या प्रश्न, जिनमें जानकारी होने के बावजूद, समय असामान्य रूप से अधिक लगता है। मसलन, किसी छात्र के लिए अंकगणित आसान हो सकता है, जबकि ज्यामिति के प्रश्नों में समय लगे। मॉक टेस्ट से ऐसी कमियां आसानी से पहचानी जा सकती हैं। रीजनिंग अभ्यास के दौरान प्रश्नों को तीन श्रेणियों में बांटें-तुरंत होने वाले, थोड़ी सोच मांगने वाले और समय लेने वाले। इससे परीक्षा के दौरान प्रश्न चयन स्वाभाविक होने लगेगा।