15 सितंबर तक कर सकते हैं आवेदन
इसके साथ ही डीयू के शताब्दी वर्ष (2022) के तहत मिले स्पेशल चांस के लिए चौथी बार आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके तहत फेज-1, फेज-2, व फेज-3 में अपनी डिग्री पूरी नहीं कर सके छात्र अधिकतम चार पेपरों के लिए आवेदन कर सकते हैं। स्पेशल चांस का लाभ लेने के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक आवेदक 15 सितंबर तक रात 11:59 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।
डीयू परीक्षा शाखा की ओर से इस संबंध में नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। परीक्षा शाखा डीन डॉ. गुरप्रीत सिंह टुटेजा के अनुसार नियमित कॉलेज, एनसीवेब (नॉन कॉलिजिऐट वूमेंस एजुकेशन बोर्ड, स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (एसओएल) के स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के पूर्व छात्र आवेदन कर सकते हैं।
छात्रों को शताब्दी वर्ष के मिल रहे चांस के लिए आवेदन ऑनलाइन स्टूडेंट पोर्टल लिंक http://durslt.du.ac.in/DuExamForm_CT100/Login.aspx, से और पुराने छात्रों को डिग्री पूरा करने के लिए लिंक http://durslt.du.ac.in/DuExamForm_CT100/StudentPortal/IndexPage.aspx के माध्यम से आवेदन करना है।
आवेदन प्रक्रिया के तहत फैकल्टी, डिपार्टमेंट, कॉलेज और विभिन्न सेंटर को छात्रों के द्वारा भरे गए फॉर्म की कन्फर्मेशन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया को 19 सितंबर रात 11:59 बजे तक पूरा करना है।
आवेदन करने के बाद छात्रों को उसकी कॉपी का प्रिंटआउट लेना होगा। फैकल्टी, विभाग, कॉलेज से आवेदन फॉर्म की कन्फर्मेशन हो जाने के बाद प्रोविजनल एडमिट कॉर्ड जारी किए जाएंगे। इस स्पेशल चांस के लिए प्रति पेपर छात्रों को 3,000 रुपये परीक्षा शुल्क का भुगतान करना होगा। एक बार शुल्क का भुगतान हो जाने के बाद उसे किसी सूरत में रिफंड नहीं किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
अधिकतम चार पेपर के लिए पंजीकरण कर सकते हैं
वहीं डीयू के शताब्दी अवसर स्पेशल चांस-1, चांस-2 व चांस-3 में स्नातक पाठ्यक्रम अंतिम वर्ष के रेगुलर, एनसीवेब व एसओएल छात्र परीक्षा में उपस्थित हुए लेकिन डिग्री पूरी नहीं कर सके छात्र अधिकतम चार पेपरों की सीमा के साथ पंजीकरण कर सकते हैं। इसके लिए भी 15 सितंबर तक पंजीकरण कराया जा सकता है। आवेदन के समय शताब्दी अवसर विशेष परीक्षा के लिए पिछला एडमिट कार्ड अपलोड करना है।
इसके साथ ही शताब्दी अवसर विशेष परीक्षा का पिछला परिणाम भी अपलोड करना है। छात्रों को प्रति पेपर परीक्षा शुल्क 5,000 का भुगतान करना है। डीयू ने स्पष्ट किया है कि पंजीकरण शुल्क जमा हो जाने के बाद किसी भी परिस्थिति में शुल्क को वापस नहीं किया जाएगा।