अपनी राह खुद तय करें
जब आप पढ़ाई और काम, दोनों की जिम्मेदारी एक साथ उठाते हैं, तो समय का सही प्रबंधन करना ही कामयाबी की राह आसान बनाता है। किसी भी समस्या के लिए खुद को दोष देना बंद करें और इस दोहरी भूमिका में अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास करें। खुद की तुलना दूसरों से करने के बजाय, अपनी स्थिति और सीमाओं को समझने की कोशिश करें और अपनी सीमाओं तथा वास्तविकता को जानकर अपनी राह खुद तय करें।
तालमेल है जरूरी
पढ़ाई, नौकरी और निजी जीवन में तालमेल बिठाना बेहद जरूरी है। यह तय करें कि कब पढ़ाई करेंगे, कब काम और कब आराम या पारिवारिक जिम्मेदारी निभाएंगे। महत्वपूर्ण डेडलाइंस और कामों पर फोकस करते हुए फालतू मीटिंग, प्रोजेक्ट्स और गैर-जरूरी कामों से दूरी बनाएं। जरूरत से ज्यादा काम या ओवरटाइम करने से मानसिक और शारीरिक थकावट ही बढ़ेगी, इसलिए खुद से या दूसरों से ‘ना’ कहना भी सीखें।
रिश्तों को नजरअंदाज न करें
बेशक पढ़ाई और पार्ट-टाइम नौकरी के साथ हर पारिवारिक गतिविधि या सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होना संभव नहीं हो सकता, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि आप सबसे दूरी बना लें। इसलिए समय-समय पर घरवालों, रिश्तेदारों और दोस्तों आदि से बातचीत करते रहें। आपको यह पता होना चाहिए कि आपको कितनी नींद चाहिए? और कितना वर्कआउट करना है? याद रखें, अपने मानसिक व शारीरिक स्वास्थ्य को नजरअंदाज किए बिना ही आगे बढ़ना आपके लिए असल चुनौती है। इसलिए सेहत का भी पूरा ध्यान रखें।
खाली समय का सदुपयोग
सुबह जल्दी या खाली समय में नए कौशल सीखने का समय निकालें। नई किताबें पढ़कर, ऑनलाइन कोर्स या वर्कशॉप के जरिये आप ऐसा कर सकते हैं। इसके अलावा, अपने प्रयासों को ट्रैक करते रहें और उन कार्यों पर फोकस रखें, जिनसे आपको सीधा और बेहतर परिणाम मिलता है।