केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास व उद्यमिता मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मंगलवार को फ्यूचर स्किल्स फोरम में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) के लिए रोजगार कौशल पाठ्यक्रम के डिजिटल संस्करण जारी किया। उन्होंने कहा कि किसी भी समय, कहीं भी सीखने की आवश्यकता को पूरा करने के उद्देश्य से, ये मॉड्यूल केंद्र के भारत कौशल पोर्टल के साथ-साथ अन्य प्लेटफार्मों के माध्यम से 2.5 मिलियन (25 लाख) से अधिक शिक्षार्थियों के लिए सुलभ होंगे।
दिल्ली में रोजगार कौशल पाठ्यक्रम का डिजिटल संस्करण जारी किया गया। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि उद्योग जगत के दिग्गज कुशल इको सिस्टम को मजबूत करने के साथ-साथ भविष्य के लिए तैयार कार्य बल बनाने और समाज के बड़े लाभ के लिए एआई, आईओटी जैसी नई तकनीकों का लाभ उठाने के तरीकों पर विचार करने के लिए एक साथ आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मानना है कि भारत की क्षमता से विश्व को भी लाभ हो। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) ने कमाई के साथ-साथ सीखने के अवसर पैदा किए हैं।
उन्होंने कहा कि जब देश अपनी आजादी के 100 साल पूरे कर रहा होगा, तब भारत सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था होगा। डिजिटल भुगतान से लेकर टीकाकरण तक, हम जीवन के सभी क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को अपनाने और सर्वश्रेष्ठ उत्पाद एवं सेवाएं तैयार करने में पहले से ही आगे हैं। प्रधान ने कहा कि प्रौद्योगिकी के इस युग में जहां काम करने करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। नई प्रौद्योगिकी कुछ लोगों तक सीमित नहीं है, ऐसे में कौशल विकास हमारी जनसांख्यिकी की वास्तविक क्षमता को अनलॉक करने की कुंजी होगी।
द फ्यूचर स्किल्स फोरम, फ्यूचर राइट स्किल्स नेटवर्क (एफआरएसएन) की एक पहल है, जो क्वेस्ट एलायंस, एक्सेंचर, सिस्को और जेपी मॉर्गन का एक सहयोगी प्रयास है। यह युवाओं को भविष्य के लिए महत्वपूर्ण कौशल हासिल करने में मदद करने के लिए सरकारी कौशल प्रशिक्षण संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों, उद्योग और कॉर्पोरेट सामाजिक जिम्मेदारी से जुड़े साझेदारों को एक साथ लाता है।
शिक्षकों को 21वीं सदी की कक्षाओं को तैयार करने के लिए सशक्त बनाएंगे
इस डिजिटल पाठ में वित्तीय और डिजिटल साक्षरता, विविधता और समावेश, कॅरिअर विकास, लक्ष्य निर्धारण और उद्यमिता पर मॉड्यूल शामिल हैं। ये उन्नत ईएस पाठ्यक्रम से तैयार किए गए हैं, जिसे सितंबर 2022 में कौशल विकास व उद्यमिता मंत्रालय द्वारा लॉन्च किया गया था। इसमें सक्रिय उद्योग योगदान के साथ विकसित, पाठ्यक्रम में बाइट-साइज, गेमिफाइड प्रारूप में 12 मॉड्यूल शामिल हैं और प्रत्येक पाठ के बाद मूल्यांकन किया जाता है, जो शिक्षार्थियों को उनके सीखने की गहराई का आकलन करने में मदद करने के लिए डिजाइन किया गया है।
मॉड्यूल में कहानी के तरीके से छात्रों को सुनाया जाता है। इसमें रचनात्मक फीडबैक प्रणाली यह सुनिश्चित भी करती है कि छात्रों को फीडबैक प्राप्त हो, जो विशिष्ट, तत्काल, कार्रवाई-योग्य हो और इस प्रकार सीखने के बेहतर परिणाम प्राप्त हो सके। यह नवीन शैक्षणिक मॉडल पेश करने में डिजिटल पाठ सहायक होंगे, जो शिक्षकों को 21वीं सदी की कक्षाओं को तैयार करने और उनका नेतृत्व करने के लिए सशक्त बनाएंगे।