रजत पदक विजेता राधिका करेंगी टीम इंडिया का प्रतिनिधित्व
राधिका ने पिछले वर्ष इंडिया स्किल्स प्रतियोगिता में स्वास्थ्य एवं सामाजिक देखभाल श्रेणी में रजत पदक जीता था, जो राष्ट्रीय प्रतियोगिता में सिक्किम का पहला पदक था तथा सिक्किम स्थित एमएसयू को वहां पदक जीतने वाला भारत का सबसे युवा विश्वविद्यालय बना दिया था।
विश्व कौशल एशिया प्रतियोगिता तकनीकी उत्कृष्टता, नवाचार और व्यावसायिक प्रशिक्षण के प्रदर्शन के लिए दुनिया के सबसे सम्मानित मंचों में से एक है।
पूरे महाद्वीप से युवा पेशेवरों को एक साथ लाने वाली इस प्रतियोगिता को अक्सर "कौशल का ओलंपिक" माना जाता है, जहां केवल शीर्ष राष्ट्रीय चैंपियन ही प्रतिस्पर्धा करते हैं।
कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी ने हाल ही में विश्व कौशल एशिया 2025 के लिए भारत के पहले दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
विश्व कौशल एशिया में भारत की उम्मीद राधिका
आगामी प्रतियोगिता की तैयारी के लिए, राधिका ने तेज और कठिन प्रशिक्षण लिया है। इसमें आधुनिक सिमुलेशन, क्रिटिकल-केयर अभ्यास और गुरुग्राम के विद्यांत कौशल संस्थान और मेदांता अस्पताल में व्यावहारिक अनुभव शामिल है।
राधिका ने कहा, "वर्ल्ड स्किल्स एशिया में भारत का प्रतिनिधित्व करना एक उपलब्धि है जिसे हासिल करके मैं सचमुच गौरवान्वित महसूस कर रही हूं। एमएसयू, मेरे मार्गदर्शकों और मेरे परिवार के सहयोग से, मैं अपने राज्य और अपने देश को गौरवान्वित करने के लिए पूरी लगन से तैयारी कर रही हूं।"
एमएसयू के संस्थापक और कुलपति प्रवेश दुदानी ने कहा, "राधिका मेधावी की पहचान, दृढ़ता, कौशल और उत्कृष्टता की प्रतीक हैं। उनकी उपलब्धि एमएसयू, सिक्किम और पूरे पूर्वोत्तर के लिए गौरव का क्षण है। हमें विश्वास है कि वह वर्ल्ड स्किल्स एशिया में अपना परचम लहराएंगी।"
एमएसयू के प्रो-चांसलर कुलदीप शर्मा ने कहा, "सिक्किम से अंतर्राष्ट्रीय मंच तक राधिका का उदय, मजबूत, कौशल-आधारित शिक्षा के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाता है। यह भारत के कार्यबल का भविष्य है।"