सीएम ने कोरोना महामारी की वजह से अनाथ हो चुके बच्चों की जिम्मेदारी राज्य सरकार को सौंप दी है। वहीं महिलाओं को टूर ऑपरेटर, वाहन चालक और ट्रैवल गाइड जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण देने का आदेश भी दिया है।
साथ ही मुख्यमंत्री ने आंगनवाड़ियों और मिड डे मील में अधिक मात्रा में अनाज को शामिल करने के साथ-साथ शासकीय, निजी स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्रों में हर तीन महीने में बच्चों का पोषण स्तर और खून की जांच करने के भी निर्देश दिए हैं।
शिवराज सिंह चौहान ने आत्मनिर्भर एमपी के तहत महिला सशक्तिकरण और बाल कल्याण विषय पर हुई बैठक में कहा कि महिला अधिकारियों-कर्मचारियों के पद के नाम में भी समानता होनी चाहिए। उदाहरण के तौर पर शिक्षिका, प्राचार्या के स्थान पर समान शब्दावली जैसे शिक्षक, प्राचार्य आदि पदनाम का उपयोग किया जाना चाहिए।