जिस वक्त पूरी दुनिया नए साल का जश्न मना रही थी, उस समय चीन एक अलग तरह की स्थिति से लड़ रहा था। दिसंबर
में नॉवल कोरोना वायरस के प्रकोप से चीन ने पूरी दुनिया को ऐसी भयावय स्थिति में डाल दिया है कि अब इस संक्रमण पर अंकुश लगाना मुश्किल हो गया है।
कोविड-
19 के प्रसार को रोकने का एकमात्र तरीका इसके चेन को तोड़ना और घर पर रहना है। भारतीय मेडिकल सिस्टम इस बीमारी पर काबू पाने के सभी उपाय कर रहा है।
एस.जी.टी अस्पताल ने इस संक्रामक बीमारी पर काबू पाने के लिए कई कदम उठाये हैं जो अन्तरराष्ट्रीय और भारत सरकार के मानकों के अनुरूप हैं।
एस.जी.टी. अस्पताल मरीजों की सुरक्षा और कल्याण के लिए अन्तरराष्ट्रीय स्तर की गुणवत्ता की गारंटी देता है। इसके साथ ही हमारे स्वास्थ्य विशेषज्ञ, डॉक्टर और चिकित्सा कर्मचारी कोरोना के अलावा अस्थमा और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे रोगियों पर भी विशेष ध्यान दे रहे हैं।
एस.जी.टी. अस्पताल ने सावधानी के लिए निम्नलिखित कदम उठाये हैं-
अस्पताल के अंदर कीटाणुशोधन के लिए इस्तेमाल की जाने वाली उच्च स्तर की प्रक्रियाएँ हम अपना रहे हैं और ओ.पी.डी. तथा लॉबी के लगभग शत-प्रतिशत क्षेत्रों को अच्छी तरह से साफ़ कर रहे हैं।वायरस की दृष्टि से खतरनाक जगहों को कम से कम तीन बार एफ.डी.ए. से प्रमाणित कीटाणुनाशक से साफ़ किया जाता है।
अन्तरराष्ट्रीय मनकों का पालन करते हुए नियमित तौर पर वायु और जल परीक्षण किया जाता है।
गुणवत्तायुक्त और अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त है यह अस्पताल।
- एस.जी.टी. अस्पताल में रोगियों के लिए अलग प्रवेश और निकास द्वार के साथ 300 बेड की व्यवस्था की गई है।
- संक्रामक रोगियों के लिए नेगेटिव प्रेशर स्पेस का इस्तेमाल।
- इम्यूनो कॉम्प्रोमाइज्ड रोगियों, पोस्ट-ट्रांसप्लांट रोगियों और कीमोथेरेपी वाले रोगियों के लिए एक मंज़िल आरक्षित कर दी गयी है जहाँ उन्हें एच.ई.पी.ए. (HEPA) फ़िल्टर के साथ सकारात्मक दबाव वाले अलग कमरे की सुविधा दी जाती है।
- सुरक्षा उपायों के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार ट्वीन शेयरिंग रूम तथा बेड/डेस्क में 3 फीट/1 मीटर की दूरी रखी गयी है।
- प्रत्येक आईसीयू/फ़्लोर में एक अलग एयर हैंडलिंग यूनिट (AHU) है जो इस बात की गारंटी देता है की हवा के द्वारा बीमारी का संक्रमण न हो।
- हमारे यहाँ कपड़े धोने और सामग्री आपूर्ति विभाग, रोगियों के लिए उपयोग की जाने वाली सभी सामग्रियों की गुणवत्ता जाँच करता है और यह सुनिश्चित करता है कि वे साफ़ और जीवाणुरहित हों।
क्या डॉक्टर से मिलना सुरक्षित है?
कोरोनावायरस में फ्लू जैसे लक्षण होते हैं। ऐसे सभी रोगियों को सरकार द्वारा तय मानकों के अनुसार कोविड-19 के लिए बने आपातकालीन क्लीनिकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में रखा जाता है।
हमारे प्राथमिक चिकित्सक और परिचारक संक्रमण की रोकथाम के लिए डब्ल्यू.एच.ओ. (
WHO) के नियमों का पूरी तरह पालन करते हैं।
- पर्याप्त पी.ई.ई. (PPE) पहनते हैं (जैसे- मास्क, ग्लव्स आदि)।
- हम हर मरीज की जाँच करते समय अल्कोहल-युक्त हैंड-सैनिटाइज़र के उपयोग द्वारा हाथ को साफ करने की गारंटी देते हैं।
- एस.जी.टी.अस्पताल में सेनिटाइजर और साबुन से हाथ धोने को लेकर बहुत सख्ती है।
- अस्पताल में ऐसे उपकरणों की व्यवस्था है जो रोगियों को संक्रमण से बचाते हैं।