प्रदेश के इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट, फार्मेसी और आर्किटेक्चर संस्थानों में प्रवेश का दूसरा चरण शुरू हो गया है। अगर विद्यार्थी पहले चरण में चूक गए हैं, तब भी उनके लिए दूसरे चरण में अवसर हैं। सरकारी संस्थानों के साथ ही निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में भी कंप्यूटर साइंस, इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी आदि प्रमुख ब्रांचों में सीटें खाली हैं। इन सीटों पर दाखिले के लिए आवेदन किया जा सकता है।
पहले चरण में 1.40 लाख सीटों के सापेक्ष मात्र 40 हजार विद्यार्थी ही काउंसलिंग में शामिल हुए। इनमें से 35,445 ने अपनी च्वाइस भरी और 28,498 को सीटें अलाट हुईं। इसमें से भी मात्र 18 हजार विद्यार्थियों ने ही सीटें सुरक्षित की हैं।
पहले चरण की काउंसलिंग के बाद इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (आईईटी) लखनऊ में कंप्यूटर साइंस की 23, इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी की 20, एमसीए में 12, सिविल इंजीनियरिंग में 12, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 13, केमिकल इंजीनियरिंग में 16 और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 12 सीटें खाली हैं। इसी तरह बुंदेलखंड इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (बीआईईटी) झांसी में कंप्यूटर साइंस की 17, इलेक्ट्रानिक्स एंड कम्युनिकेशन में 17, इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी में 12, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग 13, एमबीए में 24, केमिकल इंजीनियरिंग में 10 और सिविल इंजीनियरिंग में 5 सीटें खाली हैं। जबकि कमला नेहरू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (केएनआईटी) सुल्तानपुर में कंप्यूटर साइंस में 13, इन्फार्मेशन टेक्नोलॉजी में 15, एमसीए में 13, सिविल इंजीनियरिंग में 11 और इलेक्ट्रानिक्स इंजीनियरिंग व मैकेनिकल इंजीनियरिंग में 12-12 सीटें खाली हैं। इनके साथ-साथ अन्य राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेजों, नोएडा, लखनऊ परिक्षेत्र के निजी कॉलेजों में भी इन ब्रांचों में काफी सीटें खाली हैं। ऐसे में उन विद्यार्थियों को भी इन सीटों पर प्रवेश का मौका मिल सकता है जिन्होंने पहले चरण में अपनी सीट फ्लोट कर रखी है।