Government Schools: सर्दी के मद्देनजर छात्रों के लिए विंटर रेडीनेस प्लान (सर्दियों की तैयारी की योजना) जारी कर दिया गया है। इस संबंध में शिक्षा निदेशालय की स्कूल शाखा ने सर्कुलर जारी किया है। स्कूलों को छात्रों के लिए गुनगुना पानी उपलब्ध कराने से लेकर मिड डे मील में ताजा और गर्म खाना परोसने, सर्द हवा को रोकने के लिए कक्षाओं की टूटी खिड़कियों की मरम्मत कराने सहित कई दूसरे दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
सर्कुलर के अनुसार स्कूलों में बच्चों को गर्म, पौष्टिक और समय पर परोसा जाने वाला मिड-डे मील उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। साथ ही संभव हो तो छात्रों को गुनगुना पीने का पानी भी उपलब्ध कराया जाए। शिक्षक हर दिन यह सुनिश्चित करेंगे कि बच्चे पर्याप्त ऊनी कपड़े स्वेटर, मफलर, टोपी और दस्ताने के साथ स्कूल आएं। जिन छात्रों के पास पर्याप्त गर्म कपड़े नहीं हैं, उनकी मदद के लिए स्कूल प्रबंधन समितियों, स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय निकायों से सहयोग लिया जाएगा।
खांसने की स्थिति में पहनना होगा मास्क
स्कूलों को बच्चों के बीच ठंड, फ्लू और श्वसन संबंधी बीमारियों से बचाव पर छोटे-छोटे जागरूकता सत्र आयोजित करने होंगे। हाथ धोने, खांसने-छींकने का शिष्टाचार और आवश्यकता पड़ने पर मास्क उपयोग की सलाह दी गई है। स्कूल प्रमुखों को प्रतिदिन व्यवस्थाओं की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए हैं। जबकि जिला और जोन स्तरीय अधिकारी अचानक निरीक्षण करेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से समझौता नहीं किया जाएगा।
सुरक्षाकर्मियों को उपलब्ध कराने होंगे हीटर साथ ही कक्षा की स्थिति से लेकर मिड डे मील, गर्म पानी की रोजाना स्कूल प्रमुख निगरानी करेंगे। कड़ी ठंड के दिनों में सुबह की प्रार्थना सभा को कक्षा या हॉल में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए गए हैं। टूटी खिड़कियों और दरवाजों की तत्काल मरम्मत की भी हिदायत दी गई है ताकि ठंडी हवा कक्षाओं में न जाएं। सुरक्षा कर्मियों के लिए हीटर उपलब्ध कराना भी स्कूलों की जिम्मेदारी होगी।