कोरोना वायरस के कारण पूरा देश लॉकडाउन है। ऐसे में राजस्थान सरकार ने स्कूलों को छात्रों से एडवांस में फीस नहीं लेने का आदेश दिया है। स्कूल जब तक फीस नहीं ले सकता जब तक COVID-19 लॉकडाउन जारी है। बता दें कि सरकार ने स्कूलों को तीन महीने का अग्रिम शुल्क लेने से रोक दिया गया है।
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शिक्षा मंत्रियों और अधिकारियों के साथ एक वीडियो कॉन्फ्रेंस में, शैक्षिक सत्र की स्थिति की समीक्षा की और लॉकडाउन के दौरान स्कूलों, कॉलेजों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों में आगामी सत्र की तैयारी की।
वीडियो कॉन्फ्रेंस में उन्होंने यह भी कहा कि 15 अप्रैल से उच्च शिक्षा और तकनीकी शिक्षा संस्थानों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित किया जा सकता है। उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने कहा कि विश्वविद्यालयों की परीक्षा से संबंधित कार्यक्रम को तय करने के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है।
मुख्य जानकारी-
- अभी हाल ही में लॉकडाउन के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई बाधित न हो इसके लिए राजस्थान सरकार ने फ्री डिजिटल लर्निंग एप पेश किया है।
- विद्यार्थी इस एप के जरिए कोरोना वायरस से बचाव के लिए चल रहे लॉकडाउन के दौरान घर बैठे ही विभिन्न विषयों की पढ़ाई कर सकते हैं।
- राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड का कहना है कि इस एप के जरिए विद्यार्थी घर बैठे ही पढ़ाई कर सकते हैं। इसे पेश करने का मकसद ही है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई को कोई नुकसान न पहुंचे।
- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने सभी विद्यार्थियों से इस एप के जरिए पढ़ाई करने की अपील की है।
- इस एप के जरिए कक्षा नौवीं और दसवीं के छात्र 31 जुलाई तक फ्री में ऑनलाइन पठन सामग्री हासिल कर सकते हैं।
- इस एप पर विद्यार्थी अपने विषय से संबंधित वीडियो भी देख सकते हैं। एप के जरिए विद्यार्थी विषय- वार अध्ययन सामग्री के वीडियो हासिल कर सकते हैं।