मनमानी कर रहे हैं स्कूल
शिक्षा निदेशालय ने कुछ मानकों को दाखिला मानकों में शामिल करने पर रोक लगाई है। इसके बावजूद कुछ स्कूलों ने मनमानी करते हुए अपनी सुविधा के अनुसार मानक तय किए हैं। इसमें बस रूट पर रहने के अंक, स्कूल परिवहन का इस्तेमाल करने के अंक दिए गए हैं।
नियमानुसार स्कूल पड़ोस (नेबरहुड) के आधार पर बच्चे को अंक दे सकते हैं। लेकिन परिवहन के लिए अंक देने पर मनाही है। पूर्वी दिल्ली स्थित भाई परमानंद विद्या मंदिर स्कूल ने वह एरिया जहां स्कूल परिवहन उपलब्ध है, उसे अपने मानकों में 15 अंक के साथ शामिल किया है।
अभिभावकों की खेल और संस्कृति में उपलब्धियों पर भी दे रहे अंक
जनरल राजस स्कूल परिवहन के लिए पांच अंक दे रहा है। स्कूल ने अभिभावकों के संगीत व खेल में राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त करने के लिए भी पांच अंक शामिल किए हैं। साकेत स्थित एपीजे स्कूल ने स्कूल का परिवहन इस्तेमाल करने पर 10 अंक और यदि बच्चा ऐसे क्षेत्र में रहता है जहां परिवहन सुविधा उपलब्ध है, इस मानक के लिए पांच अंक तय किए हैं। रोहिणी स्थित मैक्सफोर्ट स्कूल ने स्कूल परिवहन का उपयोग करने पर 20 अंक तय किए हैं।
नूतन विद्या मंदिर ने खेल व शैक्षणिक उपलब्धि के लिए 10-10 अंक तय किए हैं। नर्सरी में अपनी बेटी का दाखिला कराना चाह रही रमा ने कहा कि स्कूल परिवहन का प्रयोग करने पर स्कूल अंक दे रहे हैं। यदि कोई अभिभावक स्कूल परिवहन का इस्तेमाल नहीं करता तो कम से कम 5 से 20 अंक तक का नुकसान होगा। ऐसे मानकों का दाखिला से क्या लेना देना है। इससे अभिभावकों को परेशानी हो रही है।