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Delhi School: 10वीं छात्र की आत्महत्या मामले पर एनएचआरसी ने दिए जांच के निर्देश, 10 दिनों में मांगी रिपोर्ट

Sat, 22 Nov 2025 11:57 AM IST
शाहीन परवीन एजुकेशन डेस्क, अमर उजाला

सार

NHRC: दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल में 10वीं छात्र की कथित मानसिक उत्पीड़न के कारण आत्महत्या के मामले में एनएचआरसी ने जांच के निर्देश दिए हैं और अधिकारियों को 10 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने के लिए भी कहा है।
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सांकेतिक तस्वीर (Suicide) - फोटो : freepik
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विस्तार
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Delhi School Student Suicide: एनएचआरसी ने मध्य दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस उपायुक्त को नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई उस मामले के बाद की गई है जिसमें शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल के कुछ शिक्षकों द्वारा कथित मानसिक उत्पीड़न और भेदभावपूर्ण व्यवहार के कारण 10वीं कक्षा की एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली थी। 

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इसमें कहा गया है कि राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच करने तथा 10 दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश जारी किए हैं।

छात्र द्वारा राजेंद्र प्लेस मेट्रो स्टेशन से कथित तौर पर कूदकर आत्महत्या करने के एक दिन बाद बुधवार को आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित आरोपों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई।

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शिक्षकों पर मानसिक उत्पीड़न और भेदभाव के आरोप

मामले की एनएचआरसी कार्यवाही के अनुसार, शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि दिल्ली में एक छात्र ने "लुटियंस दिल्ली के एक प्रतिष्ठित स्कूल के शिक्षकों द्वारा लगातार मानसिक उत्पीड़न और भेदभावपूर्ण व्यवहार" के कारण आत्महत्या कर ली।

शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि प्रधानाचार्य सहित कई शिक्षकों ने नियमित रूप से छात्र का "मज़ाक उड़ाया, अपमानित किया और धमकाया", जिससे "भय और आघात का माहौल" पैदा हुआ।

यह भी आरोप लगाया गया कि कई पूर्व छात्रों और अभिभावकों ने "मानसिक उत्पीड़न, अलगाव, नकारात्मक तुलना और लंबे समय तक चलने वाले आघात" के समान अनुभव साझा किए हैं।

बाल-सुरक्षा उल्लंघन पर कार्रवाई का आदेश

एनएचआरसी की कार्यवाही में कहा गया है कि शिकायतों को नजरअंदाज किया गया और न ही कोई परामर्श दिया गया और न ही बाल-सुरक्षा उपाय किए गए, जो किशोर न्याय (बच्चों की देखभाल और संरक्षण) अधिनियम, 2015, शिक्षा का अधिकार (निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन) अधिनियम, 2009 और बाल सुरक्षा मानदंडों का "उल्लंघन" है।

शिकायतकर्ता ने आयोग से हस्तक्षेप की मांग की और एक स्वतंत्र जांच, इसके लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई और स्कूल में बाल-सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने का अनुरोध किया।
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एनएचआरसी ने 10 दिन में मांगी रिपोर्ट

मानवाधिकार आयोग ने अपनी कार्यवाही में कहा है कि शिकायत में लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया पीड़ितों के मानवाधिकारों का "उल्लंघन" प्रतीत होते हैं।

आयोग के सदस्य प्रियांक कानूनगो की अध्यक्षता वाली पीठ ने मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 की धारा 12 के तहत संज्ञान लिया है।

इसमें आगे कहा गया है, "रजिस्ट्री को मध्य दिल्ली के डीएम और डीसीपी को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया जाता है, जिसमें शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कराने और आयोग के अवलोकन के लिए 10 दिनों के भीतर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाता है।"
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