इसके अलावा, सर्कुलर में यह भी उल्लेख किया गया है कि स्कूलों को सप्ताह में एक बार 'नो बैग डे' मनाना चाहिए, इसे शनिवार को मन सकते हैं। यह आदेश डॉ वीपी निरंजनराध्या समिति द्वारा सुझाई गई सिफारिशों के आधार पर जारी किया गया था। स्कूल बैग के वजन के कारण स्कूली छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव का अध्ययन करने के लिए राज्य सरकार द्वारा समिति का गठन किया गया था।
कई साल पहले गठित की गई समिति ने 2018-19 में अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपी। 2019 में, जब समिति द्वारा अंतिम रिपोर्ट प्रस्तुत की गई, तो कर्नाटक सरकार ने एक आदेश जारी कर स्कूलों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि स्कूल बैग का वजन बच्चे के वजन के 10 प्रतिशत से अधिक न हो।
इस साल की शुरुआत में अप्रैल में, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने घोषणा की थी कि वह एक मानक विकसित करेगा जो छात्रों द्वारा हर दिन ले जाने वाले भारी स्कूल बैग की समस्या का समाधान करेगा। बच्चों के भारी स्कूल बैग को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में बीआईएस के महानिदेशक ने कहा कि संगठन इस पर शोध करेगा और जल्द ही इसके लिए एक मानक तैयार करेगा।